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बैंक FD भूल जाइए! RBI की इस स्कीम में मिल रहा है बंपर मुनाफा, जानें 1 लाख पर कितना बनेगा पैसा

RBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स (FRSB) स्कीम उन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए शानदार है जो बिना किसी रिस्क के बैंक एफडी से ज्यादा रिटर्न चाहते हैं.

बैंक FD भूल जाइए! RBI की इस स्कीम में मिल रहा है बंपर मुनाफा, जानें 1 लाख पर कितना बनेगा पैसा

जंग के समय में निवेशक शेयर मार्केट की उठा-पटक से परेशान तो हैं ही, साथ में इस सवाल से भी परेशान हैं कि आखिर कहां सेफ निवेश के जरिए पैसे से पैसा बनाया जाए. कई समय से बैंक एफडी ने निवेशकों के दिल में राज किया है, पर अब महंगाई के समय में उस पर मिलने वाला रिटर्न ऊंट के मुंह में जीरा वाली बात लगती है. लेकिन अगर हम आपसे कहें कि एक ऐसी सरकारी स्कीम है, जो सेफ्टी की पूरी गारंटी तो देती ही है, साथ में एफडी से करीब 1 फीसदी ज्यादा रिटर्न भी देती है तो आप मजाक ही मानेंगे. पर ये बात बिल्कुल ठीक है. दरअसल RBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स (FRSB) स्कीम आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है. इस खबर में आपको बताते हैं कि ये स्कीम निवेशकों को लिए खास क्यों है.

क्या है ये स्कीम और क्यों है खास?

RBI फ्लोटिंग रेट बॉन्ड्स एक ऐसी सरकारी योजना है जिसमें ब्याज दरें फिक्स नहीं होतीं, बल्कि समय-समय पर बदलती रहती हैं. इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसकी ब्याज दर नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) की दर से जुड़ी होती है. साथ ही इन बॉन्ड्स पर मिलने वाला ब्याज हमेशा NSC के रेट से 0.35% ज्यादा होता है.

बैंक एफडी vs आरबीआई बॉन्ड्स

ज्यादातर बड़े बैंक फिलहाल अपनी एफडी पर 7% से 7.5% तक का ब्याज दे रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ आरबीआई फ्लोटिंग रेट बॉन्ड्स पर अभी के समय में 8.05% की दर से ब्याज मिल रहा है.

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1 लाख रुपये के निवेश पर कहां फायदा

मान लीजिए आपने बैंक एफडी और RBI फ्लोटिंग रेट बॉन्ड्स में 1 लाख रुपये लगाए. तो रिटर्न रेट के हिसाब से एक साल में एफडी पर ब्याज करीब 7250 रुपये और फ्लोटिंग रेट बॉन्ड्स पर 8,050 रुपये बनता है. 

बैंक एफडी और फ्लोटिंग रेट बॉन्ड्स में अंतर

एफडी में जहां 5 लाख रुपये तक डीआईसीजीसी बीमा कवर है, वहीं फ्लोटिंग रेट बॉन्ड्स में सरकारी गारंटी है. 
बैंक एफडी आप कभी भी तोड़ सकते हैं, पर RBI फ्लोटिंग रेट बॉन्ड्स में 7 साल का निवेश जरूरी है.
बैंक एफडी में आपका रिटर्न फिक्स हो जाता है, वहीं RBI बॉन्ड में हर 6 महीने में ब्याज दरों का रिव्यू होता है. अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो आपका मुनाफा भी अपने आप बढ़ जाएगा.

निवेशकों के लिए क्यों है ये गोल्डन मौका?

सबसे बड़ी बात इसकी सेफ्टी को लेकर ही है. इसे सीधे रिजर्व बैंक जारी करता है, इसलिए इसमें पैसा डूबने का रिस्क जीरो है. फ्लोटिंग रेट होने की वजह से जैसे-जैसे बाजार में ब्याज दरें बढ़ती हैं, आपका रिटर्न भी अपडेट हो जाता है. इन बॉन्ड्स का ब्याज हर 6 महीने यानी 1 जनवरी और 1 जुलाई को सीधे आपके खाते में जमा किया जाता है.

किसे निवेश करना चाहिए?

ये स्कीम उन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए शानदार है जो बिना किसी रिस्क के बैंक एफडी से ज्यादा रिटर्न चाहते हैं. खासकर रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए, जिन्हें हर 6 महीने में एक फिक्स और सेफ इनकम की जरूरत होती है.

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लेखक के बारे में
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शुभम उपाध्याय
shubham.upadhyay@ndtv.com
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