भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के चलते एयर इंडिया और इंडिगो समेत घरेलू एयरलाइन्स ने कई फ्लाइट्स कैंसिल कर दी है. यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने फ्लाइट्स की री-बुकिंग और रिफंड को लेकर गाइडलाइन भी जारी की है. केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय ने एयरलाइंस और एयरपोर्ट्स ऑपरेटर्स से कहा है कि यात्रियों को पर्याप्त जानकारी दें और री-बुकिंग और रिफंड से जुड़े नियमों का पालन करें.
त्रालय के अनुसार, चक्रवात का सबसे अधिक असर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा, विशेष रूप से भुवनेश्वर से आने-जाने वाली उड़ानों पर पड़ने की आशंका है. वहीं तूफान की दिशा के आधार पर हैदराबाद, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर में भी उड़ानों के संचालन पर परोक्ष प्रभाव पड़ सकता है.
फ्लाइट सेवाओं पर बुरा असर
चक्रवात के प्रभाव के चलते विशाखापत्तनम एयरपोर्ट पर 27 अक्टूबर की दोपहर से उड़ान संचालन निलंबित कर दिया गया था. विजयवाड़ा और राजमुंदरी एयरपोर्ट पर भी 27 अक्टूबर शाम 7 बजे के बाद सभी उड़ानें रोक दी गईं. वहीं दिल्ली-भोगापुरम-दिल्ली सेवा को 28 अक्टूबर के लिए रद्द कर दिया गया है.
एयर इंडिया की कौन-सी फ्लाइट्स कैंसिल?
एयर इंडिया ने दिल्ली-विशाखापत्तनम-दिल्ली (27 अक्टूबर) और दिल्ली-विजयवाड़ा-दिल्ली (28 अक्टूबर) सेक्टरों की कुल छह उड़ानें रद्द की हैं. एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 13 उड़ानें रद्द की हैं, जिनमें विशाखापत्तनम से हैदराबाद, बेंगलुरु और विजयवाड़ा के बीच संचालित अधिकांश उड़ानें शामिल हैं. इसके अलावा वाराणसी-बैंकॉक और बैंकॉक-विशाखापत्तनम सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं.
इंडिगो की कौन-सी फ्लाइट्स कैंसिल?
इंडिगो ने विशाखापत्तनम के लिए अपनी सभी उड़ानें निलंबित कर दी हैं, जबकि विजयवाड़ा और राजमुंदरी में भी 27 अक्टूबर शाम के बाद संचालन रोक दिया गया. अकासा एयर ने 28 अक्टूबर के लिए दिल्ली-भोगापुरम और वापसी की उड़ानें रद्द कर दी हैं. हालांकि एलायंस एयर ने अब तक किसी उड़ान रद्दीकरण की घोषणा नहीं की है और उसका परिचालन सामान्य बना हुआ है.
यात्रियों को मंत्रालय की सलाह
नागर विमानन मंत्रालय ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले एयरलाइन की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, हेल्पलाइन या एसएमएस के माध्यम से अपनी उड़ान की स्थिति अवश्य जांच लें. मंत्रालय ने कहा है कि केवल तभी हवाईअड्डे के लिए रवाना हों जब उड़ान की पुष्टि हो जाए. यात्रियों को अतिरिक्त यात्रा समय का भी ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में जलभराव और सड़क बंद होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं.
ऐसे दर्ज करवा सकते हैं शिकायतें
मंत्रालय ने एयरलाइंस और हवाईअड्डा संचालकों को वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग यात्रियों, छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रहे परिवारों और मेडिकल जरूरत वाले यात्रियों को विशेष सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही यदि किसी यात्री की शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो उसे पहले संबंधित एयरलाइन से संपर्क करने और उसके बाद एयरसेवा पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है.
मंत्रालय ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई), नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए), नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस), भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी), एयरलाइंस, एयरपोर्ट ऑपरेटरों, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के साथ-साथ आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल की आपदा प्रबंधन एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत किया गया है.
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