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क्या फ्लाइट लेट या रद्द होने पर मिलेगा ऑटोमेटिक मुआवजा? सरकार ने संसद में दिया बड़ा अपडेट

राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सिविल एविएशन मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि फ्लाइट में देरी या उड़ान रद्द होने की स्थिति में यात्रियों को ऑटोमेटिक मुआवजा देने के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है. सरकार के मुताबिक, वर्तमान में लागू सिविल एविएशन के पैसेंजर चार्टर के नियम ही जारी रहेंगे. जानिए अब यात्रियों के पास क्या विकल्प हैं.

क्या फ्लाइट लेट या रद्द होने पर मिलेगा ऑटोमेटिक मुआवजा? सरकार ने संसद में दिया बड़ा अपडेट
सरकार ने राज्यसभा में किया रुख स्पष्ट, फ्लाइट देरी और कैंसिलेशन पर नहीं मिलेगा ऑटोमेटिक मुआवजा
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Flight Delays Compensation Rules 2026:  अगर आप अक्सर हवाई यात्रा करते हैं और फ्लाइट के लेट या कैंसिल होने की समस्या से परेशान रहते हैं, तो आपके लिए यह खबर बहुत ही महत्वपूर्ण है. दरअसल, केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट कर दिया है कि उड़ानों में देरी (Flight Delays) या उनके अचानक रद्द (Flight Cancellations) होने पर एयरलाइंस की तरफ से यात्रियों को ऑटोमैटिक मुआवजा देने की कोई व्यवस्था लागू करने का विचार नहीं है.

राज्यसभा में सांसद सुरेंद्र सिंह नागर की ओर से पूछे गए सवाल का लिखित जवाब देते हुए सिविल एविएशन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने इस मामले पर सरकार का पक्ष रखा और विमानन क्षेत्र से जुड़े कुछ चिंताजनक आंकड़े भी सामने रखे.

ये हैं मौजूदा नियम

सरकार ने साफ किया है कि वर्तमान में लागू महानिदेशालय सिविल एविएशन के पैसेंजर चार्टर के नियम ही आगे भी जारी रहेंगे. मौजूदा नियमों के तहत, अगर  किसी फ्लाइट में देरी होती है, या उसे रद्द किया जाता है, तो मुआवजे या रिफंड की प्रक्रिया ऑटोमेटिक शुरू नहीं होती है. यात्रियों को एयरलाइन के काउंटर पर या कस्टमर केयर के माध्यम से इसके लिए क्लेम करना होता है.

क्या कहता है मौजूदा नियम?

अगर एयरलाइन तय समय सीमा से पहले सूचना दिए बिना फ्लाइट कैंसिल करती है, तो उसे यात्री को वैकल्पिक उड़ान का विकल्प देना होता है, या पूरा रिफंड और मुआवजा देना होता है.  वहीं, एयरलाइन की खराबी के कारण उड़ान में देरी होने पर घंटों के आधार पर एयरलाइन को यात्रियों को मुफ्त भोजन, रिफ्रेशमेंट या ठहरने के लिए होटल की सुविधा देनी होती है.

2025 में 20 लाख से अधिक यात्री हुए प्रभावित

सिविल एविएशन राज्य मंत्री की ओर से संसद में पेश किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले वर्ष यानी 2025 में लगभग 20 लाख हवाई यात्री उड़ानों में देरी के कारण प्रभावित हुए. वहीं, फ्लाइट कैंसिलेशन की वजह से 14.6 लाख से ज्यादा यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा. इस दौरान फ्लाइट में देरी से जुड़ी शिकायतों का आंकड़ा बी साल 2023 के 2,544 के मुकाबले बढ़कर साल 2025 में 6,335 तक पहुंच गया है, जो यात्रियों के बढ़ते असंतोष को दिखाता है.

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चूंकि ऑटोमेटिक मुआवजे का कोई सिस्टम नहीं है, इसलिए यात्रा के दौरान परेशानी होने पर यात्रियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना होगा. ऐसे में अगर आपकी फ्लाइट 2 से 3 घंटे से अधिक लेट होती है, तो तुरंत एयरपोर्ट पर मौजूद एयरलाइन हेल्पडेस्क से स्नैक्स या भोजन कूपन की मांग करें. फ्लाइट कैंसिल होने की हालत में एयरलाइन से देरी या कैंसिलेशन का आधिकारिक कारण लिखित में ईमेल पर लें. इसके बाद अगर एयरलाइन समय पर मुआवजा या रिफंड देने में आनाकानी करती है, तो आप सिविल एविएशन मंत्रालय के AirSewa पोर्टल या ऐप पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

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