8th Pay Commission Latest News: केंद्रीय कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा लगातार तेज होती जा रही है. इसी बीच एक ऐसी अपडेट आई है जो कि 1 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों की सैलरी-पेंशन में बढ़ोतरी से जुड़ी है.सरकार ने 8वें वेतन आयोग में एक अहम नियुक्ति की है. वित्त मंत्रालय ने अनुभवी IAS अधिकारी ब्रजेंद्र नवनीत को 8वें वेतन आयोग में एडिशनल सेक्रेटरी बनाया है. माना जा रहा है कि फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन और भत्तों जैसे बड़े फैसलों में उनकी अहम भूमिका रहने वाली है. ऐसे में करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर अब इस नियुक्ति पर टिक गई है.आइए जानते हैं कौन हैं IAS ब्रजेंद्र नवनीत और कैसे वह केंद्रीय कर्मचारियों और यूनियनों की मांग के आधार पर आगे फैसला लेने वाले हैं..
वित्त मंत्रालय ने IAS अधिकारी ब्रजेंद्र नवनीत को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग में अतिरिक्त सचिव के पद पर नियुक्त किया है. कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से जारी प्रेस रिलीज में बताया गया कि नियुक्ति समिति ने उनके नाम को मंजूरी दे दी है. यह नियुक्ति कार्यभार संभालने की तारीख से 4 साल तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी.
कौन हैं IAS ब्रजेंद्र नवनीत?
ब्रजेंद्र नवनीत 1999 बैच के तमिलनाडु कैडर के IAS अधिकारी हैं. उन्हें वित्तीय नीतियों का अच्छा अनुभव माना जाता है. उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय यानी पीएमओ में निदेशक के तौर पर भी काम किया है. इसके अलावा वे WTO में भारत के राजदूत भी रह चुके हैं. फिलहाल वह तमिलनाडु सरकार में सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवा विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
कर्मचारियों की सैलरी तय करने में होगी अहम भूमिका
8वें वेतन आयोग में एडिशनल सेक्रेटरी के तौर पर ब्रजेंद्र नवनीत फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन और अलग-अलग भत्तों को लेकर फैसलों में अहम भूमिका निभाएंगे. यही वजह है कि केंद्रीय कर्मचारियों के बीच उनकी नियुक्ति को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
1 करोड़ से ज्यादा लोगों पर पड़ेगा असर
8वें वेतन आयोग का फायदा करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स को मिलने की उम्मीद है. आयोग की सिफारिशों के बाद कर्मचारियों की सैलरी, महंगाई भत्ता यानी DA और पेंशनर्स को मिलने वाली महंगाई राहत यानी DR में बदलाव हो सकता है.
फिटमेंट फैक्टर को लेकर तेज हुई चर्चा
8वें वेतन आयोग में सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है. यही फैक्टर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी बढ़ाने का आधार बनता है. अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने अपने सुझाव रखने शुरू कर दिए हैं.
₹69,000 न्यूनतम वेतन की मांग
कर्मचारी संगठनों की ओर से एक बड़ा प्रस्ताव सामने आया है, जिसमें न्यूनतम बेसिक सैलरी करीब ₹69,000 करने की मांग की गई है. इसके लिए 3.83 फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दिया गया है. यह प्रस्ताव फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा में बना हुआ है.
BPMS ने रखा ₹72,000 सैलरी का प्रस्ताव
भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ यानी BPMS ने न्यूनतम वेतन ₹72,000 प्रति महीने करने का सुझाव दिया है. संगठन का कहना है कि यह आर्थिक जरूरत और सरकारी खर्च के बीच संतुलित प्रस्ताव होगा.
पोस्टल कर्मचारियों ने रखी पे स्ट्रक्चर में बदलाव की मांग
फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशंस ने सैलरी स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की मांग की है. संगठन ने सुझाव दिया है कि उच्च ग्रेड के कर्मचारियों की सैलरी ₹2.15 लाख तक की जाए. यानी सिर्फ न्यूनतम वेतन ही नहीं, बल्कि पूरे पे स्ट्रक्चर में बदलाव की मांग उठ रही है.
3.83 बनाम 4.6 फिटमेंट फैक्टर पर बहस
जहां 3.83 फिटमेंट फैक्टर को बेहतर माना जा रहा है, वहीं कई कर्मचारी यूनियन 4.6 फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रही हैं. अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है.
31 मई तक सुझाव देने का आखिरी मौका
8वें वेतन आयोग के लिए 31 मई तक मेमोरेंडम जमा किए जा सकते हैं. कर्मचारी संगठन और यूनियन NC-JCM जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी मांगें सरकार तक पहुंचा रहे हैं. माना जा रहा है कि इसी प्रक्रिया के आधार पर आयोग आगे अपनी सिफारिशें तैयार करेगा.
लगातार हो रही हैं कर्मचारियों संग बैठकें
वेतन आयोग देशभर में कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें कर रहा है. पिछले महीने दिल्ली में चर्चा हुई थी, जबकि इस महीने पुणे में भी कर्मचारी संगठनों से बातचीत की गई. इन बैठकों में कर्मचारियों की मांगों और सुझावों को सुना जा रहा है.
8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं. खासतौर पर फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन और DA-DR के नए फॉर्मूले को लेकर लोगों की दिलचस्पी सबसे ज्यादा बनी हुई है. अब सबकी नजर आयोग की अगली सिफारिशों पर टिकी है.
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