कोरोना महामारी के संकट के बीच जून 2020 में शुरू की गई 'पीएम स्वनिधि' (PM Street Vendor's AtmaNirbhar Nidhi) योजना ने आज अपनी सफलता के 6 साल पूरे कर लिए हैं. आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय की ओर से चलाई जा रही ये योजना केवल एक लोन स्कीम नहीं, बल्कि भारत के असंगठित क्षेत्र को आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने का सबसे बड़ा जरिया साबित हुई है. इस योजना ने देश के लाखों स्ट्रीट वेंडर्स (सब्जी वाले, चाट-पकौड़े वाले, मोची, धोबी) को साहूकारों के कर्जजाल से मुक्त कराकर बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा है. योजना का सबसे बड़ा इम्पैक्ट यह रहा कि इसने 'कैश इकोनॉमी' पर निर्भर रहने वाले छोटे दुकानदारों को डिजिटल साक्षर बनाया. आज सब्जी के ठेले पर लगा 'QR कोड' इसी डिजिटल क्रांति और वित्तीय आत्मविश्वास की कहानी बयां करता है.
इस योजना के 6 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देश के रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों की सराहना करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है.
पीएम मोदी ने लिखा, 'आज हम पीएम स्वनिधि योजना के 6 साल पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं. इस योजना ने बिना किसी गारंटी के ऋण (Collateral-free Loan), वित्तीय समावेशन और विकास के नए अवसर सुनिश्चित करके अनगिनत स्ट्रीट वेंडर्स के जीवन को बदल दिया है. ये योजना पूरी तरह से भरोसे, सम्मान और सशक्तीकरण के बारे में है. मैं उन सभी लाभार्थियों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं, जिनका दृढ़ संकल्प और उद्यमशीलता हमारे देश की अर्थव्यवस्था को लगातार मजबूत कर रही है.'
Today we mark #6YearsofPMSVANidhi, a scheme which has transformed the lives of countless street vendors by ensuring access to collateral-free credit, financial inclusion and new opportunities for growth. This scheme is all about trust, dignity and empowerment. My best wishes to… https://t.co/M4N8J9UoqK
— Narendra Modi (@narendramodi) June 1, 2026
PM SVANidhi योजना के क्या-क्या फायदे?
- बिना गारंटी का लोन: इसके तहत स्ट्रीट वेंडर्स को अपना काम शुरू करने या बढ़ाने के लिए किसी गारंटी के बिना आसान लोन मिलता है.
- तीन चरणों में वर्किंग कैपिटल लोन: योजना के तहत पहली बार में 10,000 रुपये का लोन मिलता है. इसे समय पर चुकाने पर दूसरी बार 20,000 रुपये और तीसरी बार 50,000 रुपये तक का वर्किंग कैपिटल लोन प्राप्त किया जा सकता है.
- ब्याज पर सब्सिडी: समय पर या समय से पहले लोन का भुगतान करने पर 7% की वार्षिक ब्याज सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में (DBT के जरिए) ट्रांसफर की जाती है.
- डिजिटल ट्रांजैक्शन पर कैशबैक: डिजिटल लेनदेन (Digital Payments) को बढ़ावा देने के लिए वेंडर्स को हर महीने कैशबैक की सुविधा मिलती है, जिससे लोन की प्रभावी लागत और कम हो जाती है.
- सिबिल स्कोर में सुधार: समय पर लोन चुकाने से इन छोटे व्यापारियों का क्रेडिट स्कोर मजबूत होता है, जिससे भविष्य में वे बड़े कमर्शियल लोन लेने के पात्र बन जाते हैं.
पीएम स्वनिधि योजना के लिए कैसे करें आवेदन? | Step-by-Step Application Process
पीएम स्वनिधि योजना के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया बहुत ही सरल और पारदर्शी है:
- वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले योजना के आधिकारिक पोर्टल pmsvanidhi.mohua.gov.in पर जाएं या 'PM SVANidhi' मोबाइल ऐप डाउनलोड करें.
- डॉक्युमेंट तैयार रखें: आपके पास आधार कार्ड, वोटर आईडी, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो और स्थानीय निकाय (ULB) द्वारा जारी वेंडिंग सर्टिफिकेट (COV) या पहचान पत्र होना चाहिए.
- लॉगिन और फॉर्म भरें: अपने आधार-लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी (OTP) के जरिए पोर्टल पर लॉगिन करें. 'Apply Loan' पर क्लिक कर अपनी पूरी जानकारी दर्ज करें और दस्तावेज अपलोड करें.
- लेंडिंग इंस्टीट्यूशन चुनें: आप जिस बैंक या माइक्रो-फाइनेंस संस्थान से लोन चाहते हैं, उसका चयन करें. सत्यापन के बाद लोन की राशि सीधे आपके खाते में क्रेडिट कर दी जाएगी.
इसके अलावा, लाभार्थी अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), नगरपालिका कार्यालय या बैंक शाखा में जाकर भी इसके लिए मुफ्त में आवेदन करवा सकते हैं.
ये भी पढ़ें: India-Oman CEPA: भारत-ओमान के बीच डील आज से लागू, कपड़ा, जेम्स-ज्वैलरी और फार्मा सेक्टर को ऐसे होगा फायदा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं