तेजस्वी प्रसाद यादव(फाइल फोटो)
पटना:
बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा के विधानसभा में शक्ति परीक्षण से पहले ही इस्तीफा देने को सत्य की जीत बताया. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद के पुत्र तेजस्वी ने शनिवार को ट्वीट किया, 'सत्य को कभी पराजित नहीं किया जा सकता. सत्य हमेशा झूठ और झूठे लोगों को पराजित करता रहेगा.' पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी येदियुरप्पा के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज धन-बल के सामने लोकतंत्र और संविधान जीत गया.
कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने बहुमत से दूर, लेकिन सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी भाजपा के नेता येदियुरप्पा को आनन-फानन में मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला दी थी और बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का लंबा समय दे दिया था. इसे असंवैधानिक बताते हुए कांग्रेस ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया.
यह भी पढ़ें : 'मनोहर पोथी' पढ़कर अंकगणित मजबूत करें तेजस्वी : जद (यू)
शीर्ष अदालत ने विधायकों की खरीद-फरोख्त की संभावना देखते हुए राज्यपाल व भाजपा की मंशा के विपरीत शुक्रवार को 26 घंटे के अंदर बहुमत साबित करने का आदेश दिया. बहुमत साबित करने में असमर्थ येदियुरप्पा ने इस्तीफा दे दिया. हवा-हवाई तिकड़म की बदौलत येदियुरप्पा मात्र दो दिन के मुख्यमंत्री साबित हुए.
VIDEO : बिहार: तेजस्वी यादव मिले राज्यपाल से, दावा- आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी
वजुभाई वाला ने जिस आधार पर येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता दिया था, उसी को आधार बनाते हुए तेजस्वी शुक्रवार को राजद, कांग्रेस और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के नेताओं के साथ बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर चुके हैं. मलिक ने विचार करने का आश्वासन दिया है. तेजस्वी का कहना था कि अगर कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी को बिना बहुमत के सरकार बनाने का मौका मिल सकता है, तो बिहार में राजद भी 80 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए उसे सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने बहुमत से दूर, लेकिन सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी भाजपा के नेता येदियुरप्पा को आनन-फानन में मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला दी थी और बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का लंबा समय दे दिया था. इसे असंवैधानिक बताते हुए कांग्रेस ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया.
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वजुभाई वाला ने जिस आधार पर येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता दिया था, उसी को आधार बनाते हुए तेजस्वी शुक्रवार को राजद, कांग्रेस और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के नेताओं के साथ बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर चुके हैं. मलिक ने विचार करने का आश्वासन दिया है. तेजस्वी का कहना था कि अगर कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी को बिना बहुमत के सरकार बनाने का मौका मिल सकता है, तो बिहार में राजद भी 80 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए उसे सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए.
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Tejashwi Yadav