- दिग्विजय UPSC की तैयारी कर रहा था और आर्थिक रूप से सुदृढ़ परिवार का सदस्य था, लेकिन ससुराल से दबाव झेल रहा था
- पत्नी राधिका और ससुराल पक्ष लगातार नौकरी न करने पर दहेज प्रताड़ना और जेल की धमकी देते थे
- पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कानूनी कार्रवाई होगी
बिहार के समस्तीपुर में एक शख्स ने पत्नी के तानों से तंग आकर आत्महत्या कर ली है. बताया जा रहा है कि पीड़ित शख्स यूपीएससी की तैयारी भी करता था. घटना शाहपुर पटोरी के स्टेशन चौक की बताई जा रही है. पुलिस ने मृतक की पहचान दिग्विजय उर्फ गोली के रूप में की गई है. पुलिस को दिग्विजय के पास एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. पुलिस के अनुसार उसने इस नोट में पत्नी समेत ससुराल पक्ष के कई लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है.
पारिवार से जुड़े कुछ लोंगो ने नाम के छापने की शर्त पर बताया कि दिग्विजय की शादी करीब दो साल पहले कटिहार जिले के कोढ़ा में हुई थी.शादी के वक्त दिग्विजय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था. घर की आर्थिक स्थिति काफी सुदृढ़ थी. सेवानिवृत्ति के बाद मिथिलेश सिंह अपने घर पर ही तेल-मसाले की फैक्ट्री बैठा ली थी, जिसमें दिग्विजय भी सहयोग करता था. शादी के बाद से ही राधिका और उसके पिता लगातार दिग्विजय पर नौकरी करने का दबाव बना रहे थे. वे दोनों अक्सर यह कहकर प्रताड़ित करते थे कि जब तक नौकरी नहीं लगेगी तब तक हमारी बेटी तुम्हारे पास नहीं रहेगी. इस बात को लेकर अक्सर दिग्विजय एवं ससुराल वालों के बीच मोबाइल पर विवाद हुआ करता था. विरोध करने पर उसे एवं परिवार के अन्य सदस्यों को अक्सर दहेज प्रताड़ना में जेल भेज देने की धमकी भी दिया करता था.
बीते 20 नवंबर को दिग्विजय के ससुर सुजीत सिंह, एयर फोर्स में कार्यरत साला अभिषेक सोनू , दस अन्य लोगों एवं पटोरी पुलिस के साथ पटोरी आए और घर में घुसकर बातबाती तथा मारपीट की. इस घटना के बाद वे लोग अपने साथ दिग्विजय की पत्नी राधिका एवं चार माह की मासूम बेटी को भी साथ लेकर कोढ़ा चले गए. पत्नी एवं बेटी के चले जाने के बाद दिग्विजय लगातार तनाव में रहने लगा. इसके बाद उसे न तो पत्नी से बात करने दी गई और न ही बच्ची को वीडियो कॉल पर देखने दिया गया.
उल्टे फोन कर उसे दहेज केस में फंसाने की धमकी दी जाती रही. इस घटना की पूरी चर्चा उसने अपने सुसाइड नोट में की है. उसने लिखा है कि उसकी पत्नी अक्सर यह कहकर उसे परेशान करती थी कि मेरी अन्य सहेलियों के पति नौकरी करते हैं, इसलिए वह भी नौकरी करे। इसी बात को लेकर पति-पत्नी में भी अक्सर विवाद रहा करता था. उसने लिखा है कि उसके ससुराल पक्ष के लोगों में सबसे अधिक राधिका की बड़ी बहन नेहा उसे इस प्रकार के उत्पात के लिए उकसाती थी और उसके बहकावे में आकर राधिका हमेशा विवाद करती थी। मृतक यूपीएससी की तैयारी कर रहा था, लेकिन लगातार मानसिक दबाव और अपमान के कारण वह अंदर से टूटता चला गया.
रस्सी खरीदकर लौटा, लिखी दर्दभरी चिट्ठी
बीते शुक्रवार की देर शाम दिग्विजय घर से निकला और एक घंटे बाद रस्सी खरीदकर लौटा. उसने कमरे में बैठकर सुसाइड नोट भी लिखा, जिसमें अपनी बेबसी, अपमान और मानसिक यातना का विस्तार से जिक्र किया. रात में जब मां ने उसे खाना खाने के लिए फोन किया और उसने फोन नहीं उठाया, तो मां खुद उसे बुलाने छत पर गई. वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए. दिग्विजय छत से फंदे से लटका हुआ था. बेड पर सुसाइड नोट रखा हुआ था. इसके बाद मां के चीत्कार सुनकर परिजन और आसपास के लोग पहुंचे. सुसाइड नोट पढ़ते ही सभी की आंखें नम हो गईं. घटना की सूचना तत्काल पटोरी पुलिस को दी गई. पुलिस मौके पर पहुंची और सुसाइड नोट को जब्त करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. इधर, शाहपुर पटोरी थाना पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. (इनपुट अविनाश कुमार)
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