- तेजप्रताप यादव पर नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगा है
- तेजप्रताप यादव को शनिवार शाम पटना के एक मॉल से गिरफ्तार कर रविवार को जेल भेज दिया गया है
- तेजप्रताप के वकील ने गिरफ्तारी को गलत बताया और सोमवार को जमानत याचिका दायर करने की बात कही
बिहार के पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव पर नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर छात्र संगठनों द्वारा बुलाए गए बिहार बंद के दौरान पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगा है. पुलिस ने शनिवार शाम को तेज प्रताप को गिरफ्तार किया था और रविवार को उन्हें जेल भेज दिया गया. उन पर भारतीय न्याय संहित की कई गंभीर धाराएं लगी हैं, जिसमें धारा 109 भी है. इसके तहत उन्हें 10 साल तक की सजा हो सकती है.
25 जुलाई को CJP-AISA के विरोध प्रदर्शन को लेकर पटना के गांधी मैदान पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करने के लिए शिकायत की गई. शिकायत में आरोप लगाया गया कि लगभग 1,000 प्रदर्शनकारियों ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया, पुलिस के साथ झड़प की, गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया और पुलिसकर्मियों को घायल किया. इसमें जन शक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव और अज्ञात प्रदर्शनकारियों के नाम संबंधित कानूनी धाराओं के तहत शामिल किए गए हैं.

A complaint has been filed at Patna's Gandhi Maidan Police Station seeking registration of an FIR over the July 25 CJP-AISA protest. The complaint alleges that around 1,000 protesters violated prohibitory orders, clashed with police, damaged vehicles, and injured personnel. It… pic.twitter.com/8rHJ6xbddk
— IANS (@ians_india) July 26, 2026
इधर तेज प्रताप के वकील ने जगन्नाथ सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्हें ‘गलत तरीके से गिरफ्तार' किया गया. उन्होंने बताया कि जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के प्रमुख को एक मजिस्ट्रेट द्वारा न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद शहर के बाहरी इलाके स्थित बेउर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है. वकील ने बताया कि शनिवार सुबह पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था और कुछ ही देर बाद छोड़ दिया था, लेकिन बाद में उन्हें फिर गिरफ्तार कर लिया गया.
तेज प्रताप के वकील ने कहा, ‘लेकिन तथ्य यह है कि उन्हें शनिवार शाम साढ़े सात बजे पटना के एक मॉल से गिरफ्तार किया गया, जबकि संबंधित थाने में प्राथमिकी रविवार तड़के करीब 12.15 बजे दर्ज की गई. मैं सोमवार को सक्षम अदालत में जमानत याचिका दायर करूंगा और इस विसंगति को भी अदालत के सामने रखूंगा.'

तेज प्रताप की गिरफ्तारी पर उनके छोटे भाई और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव भी उनके समर्थन में सामने आए हैं. विदेश में लंबी छुट्टी बिताकर पटना लौटे तेजस्वी यादव ने बड़े भाई की गिरफ्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा, ‘‘मेरे बड़े भाई को गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया है और उन पर झूठे आरोप लगाए गए हैं. मुझे जानकारी मिली है कि बिहार बंद का समर्थन करने के कारण मेरी पार्टी के कई विधायकों को भी हिरासत में लिया गया है. बिहार की भाजपा सरकार को चेतावनी देता हूं कि बंद समर्थकों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएं, अन्यथा हम बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे.''
उन्होंने दावा किया कि यह हैरानी की बात है कि जब केंद्र सरकार दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने पर सहमत हो गई है, तब बिहार में इस तरह की दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है.

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ चुनाव लड़ रहे जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भी आरोप लगाया कि तेजप्रताप यादव को ‘मेरा समर्थन करने की वजह से निशाना बनाया जा रहा है.' प्रशांत किशोर ने कहा, ‘‘हमने बार-बार निर्वाचन आयोग से शिकायत की है कि जन सुराज पार्टी का समर्थन करने वाले लोगों को पटना में पुलिस और प्रशासन, सत्तारूढ़ भाजपा के इशारे पर परेशान कर रहा है. तेजप्रताप ने हाल ही में उपचुनाव में जन सुराज पार्टी का समर्थन करने की घोषणा की थी. संभवतः यही वजह है कि उन्हें भी निशाना बनाया जा रहा है.''
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