एक जूम कॉल पर 900 कर्मियों को जॉब से निकालने वाले भारतीय मूल के विवादित CEO विशाल गर्ग को कंपनी ने नौकरी से निकाल दिया है. साल 2021 की बात है. क्रिसमस से ठीक पहले कंपनी के CEO ने एक जूम मीटिंग ली. करीब 900 कर्मी ऑनलाइन जुड़े थे. CEO ने बोलना शुरू किया- अगर आप इस जूम कॉल पर हैं तो आप उन बदकिस्मत लोगों में से हैं, जिन्हें अभी के अभी नौकरी से निकाला जा रहा है. इस तरह उसने महज 4 मिनट की जूम मीटिंग में 900 कर्मियों को कंपनी से निकाल दिया था. उस घटना को साढ़े चार साल से ज्यादा बीत गए. अब कंपनी ने उस CEO को ही नौकरी से निकाल दिया है.
डिजिटल मॉर्गेज लेंडर कंपनी बेटर होम एंड फाइनेंस के भारतीय मूल के विवादित CEO विशाल गर्ग आज खुद उसी मोड़ पर पहुंच गए हैं, जहां उन्होंने 900 कर्मियों को एक झटके में पहुंचा दिया था. कंपनी ने बोर्ड ने उन्हें काम से निकाला और अब महज 1 डॉलर भी देने को तैयार नहीं. गर्ग कंपनी में बने रहने के लिए 1 डॉलर की टोकन सैलरी पर भी काम करने को तैयार हैं, लेकिन बोर्ड उन्हें फ्री में भी रखने को तैयार नहीं!
जॉब से निकाले गए कर्मियों की 'हाय' लग गई!
सोशल मीडिया में ये चर्चा का विषय बना हुआ है. लोगों का कहना है कि देर से ही सही, सीईओ को उन कर्मियों की 'हाय' लग गई. जिसने बेरहमी से 900 लोगों को काम से निकाला, अब कंपनी ने उसे ही बाहर का रास्ता दिखा दिया.
जब 2021 में महज 4 मिनट के जूम कॉल में विशाल गर्ग ने 900 कर्मियों को काम से निकाला था, तो इस इस कॉल का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था. इसके बाद कंपनी से कम्यूनिकेशन डिपार्टमेंट, मार्केटिंग डिपार्टमेंट और जनसंपर्क विभाग के कई सीनियर अधिकारियों ने विरोध में इस्तीफे दे दिए थे. CEO गर्ग को तब जबरन छुट्टी पर भेजा गया. टॉक्सिक वर्क कल्चर की पोल खुलने पर कंपनी की साख भी बुरी तरह प्रभावित हुई थी.
CEO ने जिसे बोर्ड में शामिल किया, उसी ने कर दिया खेल
विशाल गर्ग का आरोप है कि उनके साथ विश्वासघात हुआ है. उन्होंने जिसे कंपनी के बोर्ड में शामिल किया, उसी ने 7 दिन के भीतर खेल कर दिया. गर्ग का कहना है कि हेज फंड मैनेजर डेनियल लुईस ने कंपनी की ऑपरेटिंग कास्ट कम करने के नाम पर उनका भरोसा जीता. गर्ग ने उनसे प्रभावित होकर 27 जुलाई को उन्हें अपनी कंपनी के बोर्ड में शामिल कर लिया.
आगे गर्ग ने आरोप लगाया है कि बोर्ड में एंट्री लेते ही महज 7 दिनों के भीतर लुईस ने बाकी बोर्ड डायरेक्टर्स को अपने पाले में कर के गर्ग को ही CEO पद से इस्तीफा देने को मजबूर कर दिया. तीन अगस्त को लुईस ने खुद कंपनी की कमान अपने हाथ में ले ली.
My response to the dumb allegations in the press release @danielsethlewis sent out WITHOUT board authorization. #BUBKUS. Yeah that's Boy Scout for FAKE NEWS. Sacre bleu Daniel, I think the French air is getting to you. Is that why you hired a $400k PR firm with the companies…
— Vishal Garg (@vishal_better) August 15, 2026
कानूनी लड़ाई की तैयारी में विशाल गर्ग
अचानक सीईओ की कुर्सी छिन जाने के बाद विशाल गर्ग कानूनी लड़ाई की तैयारी में हैं. कंपनी में अपनी बहाली के लिए गर्ग ने हर तरह की कोशिश में लगे हैं. उन्होंने मशहूर अमेरिकी वकील एलेक्स स्पाइरो को इसके लिए संपर्क किया है. साथ ही स्पेशल क्लास-बी वोटिंग राइट्स वाले प्रमुख शेयरहोल्डर्स का समर्थन हासिल करने में जुटे हैं. उन्होंने बोर्ड के सामने 'कंपनी के मुनाफे में आने तक' महज 1 डॉलर के सालाना वेतन पर भी काम करने का प्रस्ताव दिया, लेकिन कंपनी बोर्ड ने ये प्रस्ताव ठुकरा दिया है.
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