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सोनपुर से सीधा यूरोप और अमेरिका... राजीव प्रताप रूडी ने बताया बिहार के नए इंटरनेशनल एयरपोर्ट का मास्टर प्लान

अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा एयरपोर्ट बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया तो बीजेपी के सारण से सांसद राजीव प्रताप रूड ने कहा कि राज्य और केंद्र स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. साथ ही परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है.

सोनपुर से सीधा यूरोप और अमेरिका... राजीव प्रताप रूडी ने बताया बिहार के नए इंटरनेशनल एयरपोर्ट का मास्टर प्लान
  • बिहार के सारण जिले के सोनपुर में 4200 एकड़ क्षेत्र में एक अंतरराष्ट्रीय ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण होगा.
  • एयरपोर्ट का रनवे लगभग 5.5 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें एयरबस ए-380 जैसे बड़े विमान भी सुरक्षित उतर सकेंगे.
  • परियोजना को बिहार कैबिनेट ने मंजूरी दी है और इसे 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
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सारण:

बिहार के सारण के सोनपुर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने जा रहा है और इसे छपरा-सोनपुर क्षेत्र के इतिहास का सबसे बड़ा विकास निर्णय माना जा रहा है. CM नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में इस परियोजना को मंजूरी दी गई. इस परियोजना के पीछे छपरा से बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी की भूमिका को सबसे अहम माना जा रहा है. पिछले कई वर्षों से वे इस एयरपोर्ट को लेकर लगातार प्रयास कर रहे थे. 

जब एयरपोर्ट बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया तो बीजेपी के सारण से सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि राज्य और केंद्र स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. साथ ही परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है. उन्होंने इसे राज्य के विकास की ऐतिहासिक पहल बताया है. सांसद ने यह भी कहा कि उनके सार्वजनिक जीवन के 45 वर्ष पूरे हो चुके हैं और उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और PM मोदी की सरकार में काम किया है. उनके अनुसार, सोनपुर एयरपोर्ट का सपना पिछले 16 वर्षों से प्रयासों का परिणाम है.

एयरबस ए-380 जैसे विमान भी उतर सकेंगे

4200 एकड़ भूमि पर बनने वाले इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर 1302 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है. सरकार ने इस हवाई अड्डे को वर्ष 2030 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा है. यह एयरपोर्ट हाजीपुर और डुमरिया के बीच दरियापुर चंवर क्षेत्र में बनेगा. इसकी लोकेशन रणनीतिक रूप से बेहद अहम है, क्योंकि यह पटना से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और उत्तर बिहार के बड़े हिस्से को सीधा हवाई संपर्क देगा. प्रस्तावित एयरपोर्ट का रनवे इतना आधुनिक और लंबा होगा कि यहां दुनिया के सबसे बड़े यात्री विमानों में शामिल एयरबस ए-380 जैसे विमान भी उतर सकेंगे. इससे साफ है कि यह परियोजना सिर्फ आज की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाले कई दशकों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है.

रनवे करीब 5.5 किलोमीटर लंबा होगा

बीजेपी सांसद रूडी के मुताबिक इस प्रस्तावित एयरपोर्ट का रनवे करीब 5.5 किलोमीटर लंबा होगा, जो देश के सबसे बड़े रनवे में गिना जाएगा. एयरपोर्ट का लक्ष्य सालाना 3 करोड़ यात्रियों को सेवा देना है. उन्होंने दावा किया कि भविष्य में यह एशिया के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में शामिल हो सकता है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा जय प्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्ड करीब 250 एकड़ में फैला है और लंबे समय से सीमित क्षमता के साथ संचालित हो रहा है, जहां बड़े विमानों की आवाजाही में तकनीकी चुनौतियां हैं. नए एयरपोर्ट से इन समस्याओं का समाधान होगा.

वहीं, सोनपुर को पटना से जोड़ने के लिए 6 लेन पुल बनाने की योजना है. यह पुल जेपी सेतु की तर्ज पर तैयार किया जाएगा और अगले 3 साल में इसके पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है. इससे सोनपुर और पटना के बीच सीधी और तेज कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी.

बीजेपी सांसद ने बताया कि किसानों को उनकी जमीन के बदले पांच गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने इसके लिए CM नीतीश की सराहना की और कहा कि किसानों के हितों की रक्षा की जाएगी. इस एयरपोर्ट के बनने के बाद न्यूयॉर्क और टोक्यो जैसे शहरों के लिए सीधी उड़ानों की संभावना बनेगी. साथ ही, बिहार में फ्लाइंग ट्रेनिंग सेंटर स्थापित कर राज्य को एविएशन हब के रूप में विकसित करने की योजना है. उनका कहना है कि आने वाले 10 वर्षों में देश को करीब 30 हजार पायलटों की जरूरत होगी.

35 करोड़ आबादी को मिलेगा लाभ

सांसद के अनुसार, यह एयरपोर्ट 35 करोड़ से अधिक आबादी को लाभ पहुंचाएगा और पूर्वी व मध्य भारत के लिए एक बड़ा ट्रांजिट केंद्र बनेगा. सोनपुर एयरपोर्ट परियोजना को लेकर राजनीतिक स्तर पर उत्साह देखा जा रहा है. अब निगाहें इस बात पर हैं कि निर्माण कार्य कितनी तेजी से शुरू होता है और तय समय सीमा में इसे पूरा किया जा सकेगा या नहीं. अगर योजना तय समय पर पूरी होती है तो यह बिहार के बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है.

परियोजना को 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. यह एयरपोर्ट ना सिर्फ सारण के लिये बल्कि उत्तर बिहार और आसपास के क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण हवाई केंद्र बनेगा.   

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