रोहतास जिले के दावथ प्रखंड में एक भीषण आगलगी की घटना ने किसानों की महीनों की मेहनत को कुछ ही घंटों में राख में बदल दिया. आग की इस भयावह घटना में करीब 500 बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई. घटना के बाद पूरे इलाके में हाहाकार मच गया है और प्रभावित किसान गहरे सदमे में हैं. इस आगलगी की चपेट में सहीनाव पंचायत के देवढ़ी, महुअरी, सहीनाव, हीरापुर और दावथ पंचायत के बिठवा गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते इन गांवों के बधार में खड़ी फसलें धू-धू कर जलने लगीं. ग्रामीणों के पास संभलने तक का मौका नहीं मिला और आग ने विशाल क्षेत्र को अपनी गिरफ्त में ले लिया.
तेज हवा बनी तबाही की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग की शुरुआत देवढ़ी गांव के पास हुई थी. उस समय तेज हवा चल रही थी, जिसने आग को और भी भयानक रूप दे दिया. हवा के झोंकों के साथ आग तेजी से एक खेत से दूसरे खेत तक फैलती चली गई. आग की लपटें इतनी ऊंची और तेज थीं कि उन्हें काबू करना ग्रामीणों के लिए बेहद मुश्किल हो गया.
जान जोखिम में डालकर बुझाई आग
हालात बेकाबू होते देख ग्रामीणों ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया. बाल्टी, पाइप और खेतों में उपलब्ध साधनों के जरिए आग बुझाने की कोशिश की गई. कई ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग को रोकने का प्रयास किया, लेकिन शुरुआत में उन्हें सफलता नहीं मिल सकी. घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची. दमकल कर्मियों और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. हालांकि तब तक सैकड़ों बीघा फसल जलकर नष्ट हो चुकी थी.
किसानों की टूटी कमर
इस हादसे ने किसानों की कमर तोड़ दी है. पहले ही धान की फसल मौसम की मार झेल चुकी थी और अब गेहूं की फसल भी जल जाने से उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है. कई किसानों के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. हीरापुर और आसपास के गांवों में कई किसानों की 30 बीघे से अधिक फसल जल गई. वहीं बिठवा गांव में करीब 50 बीघा गेहूं पूरी तरह नष्ट हो गया. इस घटना से सैकड़ों परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं, जिनकी आजीविका खेती पर ही निर्भर थी.
आग लगने के कारण पर विवाद
आग लगने के कारणों को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. कुछ ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी से आग लगी, जबकि बिजली विभाग ने इस दावे को खारिज करते हुए भूसा मशीन से चिंगारी निकलने की संभावना जताई है. फिलहाल वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है.
प्रशासन कर रहा नुकसान का आकलन
अंचल प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही है. अधिकारियों के अनुसार, पांचों गांवों में हुए नुकसान का विस्तृत सर्वे कराया जा रहा है, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द राहत दी जा सके.
इस भीषण अगलगी के बाद पूरे इलाके में मायूसी का माहौल है. किसान अब प्रशासन से जल्द मुआवजा और सहायता की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ताकि वे दोबारा अपनी जिंदगी पटरी पर ला सकें और आने वाले समय में खेती की शुरुआत कर सकें.
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