- RLSP के दो विधायक माधव आनंद और आलोक सिंह ने उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात कर नाराजगी कम की है.
- पार्टी के तीन विधायक दीपक प्रकाश को मंत्री बनाए जाने के निर्णय से नाराज थे और परिवारवाद की शिकायत कर रहे थे.
- रामेश्वर महतो अभी भी पार्टी के खिलाफ बागी तेवर बनाए हुए हैं और विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.
राष्ट्रीय लोक समता पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा को बड़ी राजनीतिक राहत मिलती दिख रही है. पार्टी के दो विधायक- माधव आनंद और आलोक सिंह ने उनसे मुलाकात की है, जिससे भीतरखाने चली आ रही नाराज़गी कम होने के आसार बन गए हैं.
पार्टी के तीन विधायक पहले कुशवाहा से नाराज़ थे. नाराजगी की वजह उनके बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाए जाने का निर्णय बताया जा रहा था.
महतो अब भी बागी
हालांकि रामेश्वर महतो अब भी बागी तेवर अपनाए हुए हैं, लेकिन दो विधायकों की वापसी से उपेंद्र कुशवाहा को राहत मिलते हुए हालात सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है.
यह भी पढ़ें- सहयोगियों के लिए 'खतरे की घंटी', क्या BJP अब अपने सहयोगियों के 'वोट बैंक' को पूरी तरह आत्मसात कर रही?
आखिर नाराजगी की वजह क्या है?
आपको बता दें कि आरएलएसपी के भीतर हाल का राजनीतिक तनाव उस समय पैदा हुआ जब उपेंद्र कुशवाहा ने अपने बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया. इसी फैसले को लेकर पार्टी के तीन विधायक- माधव आनंद, आलोक सिंह और रामेश्वर महतो नाराज हो गए थे. विधायकों को यह लगा कि पार्टी में फैसले परिवारवाद को प्राथमिकता देकर लिए जा रहे हैं, जिससे संगठन के अन्य नेताओं की अनदेखी हुई.
तो क्या अब सुलझने लगे मतभेद
इन तीनों विधायकों की नाराजगी पार्टी के भीतर खुलकर सामने आने लगी और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि नेतृत्व की स्थिरता पर सवाल उठने लगे. इसी बीच अब माधव आनंद और आलोक सिंह की उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात ने संकेत दिया है कि अंदरूनी मतभेद सुलझने लगे हैं.
हालांकि, रामेश्वर महतो अभी भी बागी रुख बनाए हुए हैं, जिससे यह साफ है कि मामला पूरी तरह शांत नहीं हुआ है, लेकिन दो विधायकों की वापसी से उपेंद्र कुशवाहा को बड़ी राहत मिली है और पार्टी में स्थिरता की उम्मीद बढ़ी है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं