Purnia Gang Rape: साल 2016 में अनिरुद्ध रॉय चौधरी के डायरेक्शन में बनी फिल्म 'पिंक' रिलीज हुई थी, जो सामाजिक-कानूनी थ्रिलर थी. इस फिल्म में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन एडवोकेट की भूमिका में थे और सीन कोर्ट रूम का है, जहां एडवोकेट दीपक सहगल (अमिताभ बच्चन) जज साहब से मुखातिब होकर कहते हैं- नो योर ऑनर... नो सिर्फ एक शब्द नहीं अपने आप मे एक पूरा वाक्य है. इसे किसी तर्क, स्पष्टीकरण या व्याख्या की जरूरत नही होती. दीज ब्यॉयज मस्ट रियलाइज देट, नो मीन्स नो... ना का मतलब ना ही होता है. माय क्लाइंट सैय नो हेअर. नो का मतलब नो होता है. इसे बोलने वाली लड़की कोई परिचित हो, फ्रेंड हो या गर्लफ्रेंड हो, कोई सेक्स वर्कर हो या आपकी बीबी ही क्यों न हो, नो मीन्स नो. एंड व्हेन समवन सेज इट, यू स्टॉप... जाहिर है यह पूरा डायलॉग सहमति के महत्व पर जोर देता है और आशय यह है कि कोई भी संबंध बिना सहमति के अपराध है. कुछ ऐसी ही परिस्थिति पूर्णिया में 10 जनवरी को घटित गैंगरेप से जुड़ी है, जिसमें पूर्णिया के पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद ने अपने बयान में अमिताभ बच्चन के डायलॉग को दोहराया है.
पुलिस आईजी ने कहा नो मीन्स नो
पूर्णिया प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद गैंगरेप से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे. इसी क्रम में जब एक सवाल पूछा जाता है कि क्या इस घटना से अनैतिक व्यापार का मामला भी जुड़ा है तो वे सवाल को खारिज करते हुए कहते हैं कि 'किसी भी लड़की के साथ गलत होना गलत ही है, नो मीन्स नो. उसका कोई जस्टिफिकेशन नही हो सकता है कि वह लड़की क्या करती थी? उसके साथ गलत हुआ, मेरे लिए यही विषय है और हम लोग उसी को ध्यान में रखकर सख्त कार्रवाई करेंगे. वहीं इस मामले में एक महिला की गिरफ्तारी के सवाल पर आईजी कहते हैं कि 'यह हमारे लिए इरेलेवेंट है. यह उसके कैरेक्टर अससेनेशन का प्रयास भी हो सकता है. यह हमारे अनुसंधान का पार्ट नही होगा'.
अनैतिक व्यापार की जताई थी संभावना
दरअसल गैंगरेप के बाद पुलिस अधीक्षक स्वीटी सहरावत ने गैंगरेप की पुष्टि करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित करने की बात कही थी. उसी क्रम में एसपी ने कहा था कि अनुसंधान के क्रम में अनैतिक व्यापार का भी मामला सामने आ रहा है और अगर ऐसा पाया जाता है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इस घटना में एक महिला की भी गिरफ्तारी हुई है. मिली जानकारी अनुसार, उक्त महिला ने ही पीड़िता को ऑर्केस्ट्रा में काम दिलाया था और किसी कार्यक्रम में पीड़िता की मुलाकात मुख्य आरोपी मो जुनैद से करायी थी. हालांकि, आईजी स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि यह पार्ट उनके अनुसंधान का विषय नही है.
क्या कहती है भारतीय न्याय संहिता (BNS)
पूर्णिया सिविल कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेश नाथ मिश्रा बताते हैं कि भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 63 बलात्कार को परिभाषित करती है, जिसमे महिला की सहमति के बिना या डरा-धमकाकर यौन संबंध बनाना शामिल है, यह गर्लफ्रेंड और परिचित पर भी लागू होता है. यहां तक कि सेक्स-वर्कर के मामले में भी सहमति अनिवार्य है. मिश्रा कहते हैं कि जबरदस्ती धारा 64 या 70 के तहत गंभीर अपराध है. बलात्कार के लिए 10-20 वर्ष तक का कठोर कारावास या आजीवन कारावास का प्रावधान है. गैंगरेप के मामले में तो मृत्यदंड तक का प्रावधान है. सहमति का बड़ा स्पष्ट मतलब है कि सहमति स्वतंत्र, सूचित और बिना दवाब वाली होनी चाहिए.
अब तक चार आरोपी गिरफ्तार
10 जनवरी की शाम लगभग 7 बजे शहर के भीड़-भाड़ वाले नेवालाल चौक से युवती को कार से अगवा कर 20 किमी दूर डगरुआ ले जाया गया और कुल 6 लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था. उक्त मामले में घटना के मुख्य आरोपी मो जुनैद को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया था , जबकि बाद में घटना में शामिल दो अन्य अभियुक्त मो इरफान और मो महताब को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा एक महिला की भी गिरफ्तारी हुई है. मामले से जुड़े सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन का दौर भी शुरू हो चुका है.
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