- पूर्णिया में एक 24 वर्षीय युवती का अपहरण कर उसे डगरुआ के गोदाम में सामूहिक दुष्कर्म का शिकार बनाया गया.
- आरोपियों ने पीड़िता को जबरन शराब पिलाई और उसके साथ रात भर हिंसक अत्याचार किया.
- गोदाम का मालिक और डगरुआ पंचायत का उपमुखिया मोहम्मद जुनैद भी इस घटना में शामिल था और गिरफ्त में आया.
पूर्णिया में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यह कहानी एक 24 वर्षीया युवती की है, जो अपनी गरीबी और पारिवारिक अलगाव के कारण जीविकोपार्जन के लिए ऑर्केस्ट्रा गायिका के रूप में काम कर रही थी. शनिवार की शाम, जब शहर घने कोहरे की चादर में लिपटा था, नेवालाल चौक पर उस युवती का अपहरण एक तेज रफ्तार कार में सवार दो युवकों ने कर लिया. युवती कुछ समझ पाती या मदद के लिए शोर मचाती, दरिंदों ने उसका मुंह दबाकर उसे खामोश कर दिया.
अपहरण के बाद उसे शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर डगरुआ के 'जोया ट्रेडर्स' नामक एक गोदाम में ले जाया गया. वहां पहले से ही चार अन्य लोग मौजूद थे, जो हैवानियत की तैयारी में बैठे थे. रिपोर्ट के अनुसार, इन दरिंदों ने पहले जमकर शराब पी और फिर पीड़िता को भी जबरन शराब पिलाई. इसके बाद छह लोगों ने मिलकर उस बेबस युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) किया. युवती रात भर दर्द से चीखती रही, प्रतिरोध करती रही, लेकिन शराब के नशे में धुत उन दरिंदों का दिल नहीं पसीजा.
इस भयावह कृत्य के बाद, पांच आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन गोदाम का मालिक और डगरुआ पंचायत का उपमुखिया, मोहम्मद जुनैद, अत्यधिक शराब के नशे में वहीं बेसुध गिर पड़ा. फरार होते समय आरोपियों ने बाहर से ताला जड़ दिया था. पीड़िता ने अदम्य साहस और सूझ-बूझ का परिचय देते हुए बेसुध पड़े जुनैद का मोबाइल उठाया और डायल 112 पर पुलिस को सूचना देकर अपना लाइव लोकेशन साझा किया. जब पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई, तो नजारा रूह कंपा देने वाला था; युवती खून से लथपथ पड़ी थी और बगल में ही मुख्य आरोपी जुनैद पड़ा था.
गिरफ्तार मोहम्मद जुनैद की पहचान डगरुआ पंचायत के उपमुखिया के रूप में हुई है, जिसका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर पूर्व में सीसीए (CCA) भी लग चुका है. फिलहाल, पीड़िता राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, पूर्णिया में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है. एक गरीब परिवार की बेटी, जिसे मजबूरी ने घर से दूर शहर भेजा था, आज अपनों के अभाव और दरिंदों की दी हुई असहनीय पीड़ा के साथ अस्पताल के बिस्तर पर न्याय की उम्मीद में पड़ी है. पुलिस अब फरार पांच अन्य आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है.
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