बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अनुसरण कर रहे हैं. कम से कम बृहस्पतिवार को ऊर्जा मंत्रालय के एक कार्यक्रम में नीतीश कुमार ने राजनीतिक बातें कर संदेश दिया है कि अब उन्हें सरकारी कार्यक्रम में राजनीतिक टीका टिप्पणी करने से कोई परहेज़ नहीं. नीतीश केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा राज्य के सीतामढ़ी में पावर ग्रिड के संचरण केंद्र का शिलान्यास कर रहे थे. लेकिन अपने भाषण के दौरान पहले नीतीश ने कहा कि 'चुनाव के नतीजे की कोई चिंता नहीं है. जनता मालिक है और आप लोग चाहेंगे तो सेवा करेंगे, नहीं चाहेंगे तो मेरी कोई शिकायत नहीं है.' इससे पूर्व उन्होंने कहा कि उनकी सरकार संवेदनशील है इसलिए आप लोग भी संवेदनशील बनिए है नहीं तो नुक़सान उठाइएगा.
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उसके बाद उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री राजकुमार सिंह की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि आने वाले चुनाव में चिंता की कोई बात नहीं है. 2019 में फिर नरेंद्र मोदी की सरकार बनेगी. 2014 में जब हम साथ नहीं थे तो भाजपा की सरकार बनी और अब तो हम साथ-साथ हैं, तो हमलोगों का पूरा-पूरा समर्थन रहेगा. उस समय मंच पर उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के स्थानीय सांसद राम कुमार शर्मा भी मंच पर मौजूद थे. उनकी ओर इशारा करते हुए नीतीश कुमार ने कहा, 'राम कुमार जी जैसे लोग इधर-उधर करते रहते हैं और राजकुमार सिंह को नीतीश कुमार ने कहा कि आप कुछ ग़लतफ़हमी में मत रहिएगा फिर से आप केन्द्र में मंत्री रहियेगा.
नीतीश कुमार के भाषण से साफ़ है कि चुनाव के मौक़े पर वो अब पार्टी के कार्यक्रम का इंतज़ार किए बिना सरकारी कार्यक्रम में राजनीतिक बयानबाज़ी करने से परहेज़ नहीं करते. हालांकि उनके समर्थकों का कहना है कि जनता में संदेश यही जायेगा कि पार्टी में अपने पदाधिकारी की नियुक्ति के बाद अब भाषण में भी वो मोदी की नक़ल कर रहे हैं.
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