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नीतीश के राज्यसभा जाने की चर्चा सुन सदमे में जेडीयू के कई नेता

पटना के राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरों के अनुसार, नीतीश कुमार अब बिहार की सत्ता छोड़कर राज्यसभा जाएंगे और बिहार में अब भाजपा का मुख्यमंत्री होगा. इस नए समीकरण के तहत नीतीश कुमार के बेटे, निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है.

नीतीश के राज्यसभा जाने की चर्चा सुन सदमे में जेडीयू के कई नेता
  • बिहार में होली का त्योहार तीन दिनों तक चलता है और सरकार भी इस अवसर पर तीन दिनों की छुट्टी घोषित करती है.
  • नीतीश कुमार अपनी अप्रत्याशित राजनीतिक चालों के लिए जाने जाते हैं लेकिन इस बार वे मुश्किल में दिख रहे हैं.
  • खबरों के अनुसार नीतीश जल्द ही बिहार की सत्ता छोड़कर राज्यसभा जाएंगे और भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री बनेगा.
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नई दिल्ली:

बिहार में होली का पर्व किसी उत्सव से कम नहीं होता, जहां दो-तीन दिनों तक उल्लास का माहौल रहता है और सरकार भी इस उपलक्ष्य में तीन दिनों की छुट्टी घोषित करती है. यहां होली की शुरुआत मिट्टी और गोबर की पारंपरिक मस्ती से होती है, जो अगले दिन रंगों और गुलाल की बौछार में बदल जाती है और अंत में 'बुरा न मानो होली है' के साथ आपसी गिले-शिकवे दूर किए जाते हैं. लेकिन इस साल की होली बिहार के लिए केवल रंगों का त्योहार नहीं रही, बल्कि राजनीतिक गलियारों में एक ऐसा अप्रत्याशित 'खेला' हो गया जिसने सबको चौंका दिया. दिलचस्प बात यह है कि अपनी अनूठी चालों से हमेशा विरोधियों को मात देने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस बार खुद एक ऐसी राजनीतिक गतिविधि के केंद्र में आ गए हैं.

राजनीति में नीतीश कुमार अपनी अप्रत्याशित चालों के लिए जाने जाते रहे हैं. वह कभी नरेंद्र मोदी के लिए डिनर कैंसिल कर देते हैं, तो कभी लालू यादव की पार्टी के साथ गठबंधन कर सरकार बना लेते हैं और फिर बीच में ही पाला बदलकर दोबारा भाजपा के साथ चले जाते हैं. लेकिन इस बार की स्थिति देखकर लगता है कि भाजपा ने 'पलटू बाबू' को उनके ही खेल में पटखनी दे दी है.

कौन होगा बिहार का नया CM?
पटना के राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरों के अनुसार, नीतीश कुमार अब बिहार की सत्ता छोड़कर राज्यसभा जाएंगे और बिहार में अब भाजपा का मुख्यमंत्री होगा. इस नए समीकरण के तहत नीतीश कुमार के बेटे, निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है. हालांकि, भाजपा मुख्यमंत्री की कुर्सी पर किसे बैठाएगी, यह राज केवल पार्टी के शीर्ष दो-तीन नेताओं को ही पता है. वैसे तो वर्तमान में बिहार में भाजपा के दो उपमुख्यमंत्री हैं ही, जिनमें से किसी एक के नाम पर विचार हो सकता है. यदि पार्टी पिछड़ी जाति के कार्ड पर दांव लगाना चाहती है, तो सम्राट चौधरी एक प्रमुख चेहरा हैं, लेकिन भाजपा में मुख्यमंत्री पद की लॉटरी किसके नाम निकलेगी, यह कहना फिलहाल बेहद मुश्किल है.

दरअसल, जदयू के एक बड़े नेता आद दिल्ली आए उनकी बीजेपी के बड़े नेताओं से मुलाकात हुई. फिर वो पटना गए और सीधे मुख्यमंत्री निवास गए, फिर खबर आने लगी कि नीतीश कुमार राज्यसभा जाएंगे और बिहार में नया मुख्यमंत्री बनेगा. नीतीश कुमार के बेहद करीबी एक नेता से बात की और उनसे पूछा कि बिहार में क्या हो रहा है तो उन्होंने कहा कि मातम मनाने का वक्त है. सब दिल्ली से तय हुआ है. ये नेता नीतीश कुमार के स्वजातीय हैं और इनका नाम भी राज्यसभा के लिए लिया जा रहा था. बिहार में नीतीश युग का अंत हो रहा है और बिहार के लोग इस बात पर अचरज में हैं कि कैसे उन्होंने इतनी जल्दी हथियार डाल दिए. क्या पुत्र मोह आड़े आ गया या जो उनके इर्द गिर्द नेता है. जेडीयू के एक नेता जो नीतीश कुमार के सहयोगी हैं और पिछड़ी जाति से आते हैं, उन्होंने कहा कि कुछ सर्वण नेताओं ने नीतीश कुमार को अपने वश में कर लिया है, वो जैसा कहते है वैसा नीतीश बाबू करते हैं. उन्होंने कहा कि अब ऐसा दिन आ गया कि अपनी कुर्सी भी बीजेपी को सौंप कर जा रहे हैं.

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