विज्ञापन

नीतीश अगर जाएंगे दिल्ली, तो कौन संभालेगा बिहार की गद्दी, समझिए जातीय समीकरण

बिहार में जातीय समीकरण को अगर ध्यान में रखें तो ये साफ हो जाता है कि बिहार का मुख्यमंत्री तो कोई पिछड़ी जाति से ही बनेगा कोई सर्वण तो बन नहीं सकता.यदि आप कुर्मी मुख्यमंत्री को हटाते हैं तो कोईरी मुख्यमंत्री बना सकते हैं क्योंकि दोनों जातियां लव कुश की तरह हैं.

नीतीश अगर जाएंगे दिल्ली, तो कौन संभालेगा बिहार की गद्दी, समझिए जातीय समीकरण
बिहार के सीएम नीतीश कुमार जा सकते हैं राज्यसभा
NDTV
  • बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री पद संभालेगा, जो सत्ता परिवर्तन का संकेत है
  • बिहार के दो उपमुख्यमंत्री हैं, जिनमें सम्राट चौधरी गृह मंत्रालय संभालते हुए सबसे प्रभावशाली माने जाते हैं
  • नित्यानंद राय यादव समुदाय से हैं और अमित शाह की करीबी भूमिका के कारण चर्चा में बने हुए हैं
नई दिल्ली:

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तरफ से बिहार में कौन होगा मुख्यमंत्री ये लाख टके का सवाल है. BJP हमेशा इस मामले में सबको आश्चर्यचकित करती रही है.सबसे ताजा उदाहरण तो बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का ही है किसी को अंदाजा नहीं था कि इतनी बड़ी बहुमत से जीतने के बाद बीजेपी किसी बिहार के नेता को अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाएगी मगर ऐसा हुआ. यही चीज राजस्थान,मध्यप्रदेश और ओडिशा के मुख्यमंत्री के चुनने के वक्त भी हुआ.

इन सभी नेताओं के नाम तक किसी के जेहन में नहीं थे कि ये भी मुख्यमंत्री बन सकते हैं मगर जैसा बीजेपी आलाकमान ने चाहा वही हुआ अब बारी है बिहार की.बिहार में अब BJP का मुख्यमंत्री पहली बार बनेगा अभी तक बीजेपी सीनियर पार्टनर होते हुए भी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री की कुर्सी देती आई थी. मगर अब बीजेपी नेतृत्व ने तय कर लिया है कि सत्ता परिवर्तन होगा और अभी होगा,होली के रंग उतरने के साथ ही होगा.अब सबसे बड़ा सवाल कौन होगा मुख्यमंत्री,इसका जवाब किसी के पास नहीं है मगर हम सब कयास ही लगा सकते हैं बिहार में अभी बीजेपी के दो उपमुख्यमंत्री हैं उसमें से सबसे प्रभावशाली सम्राट चौधरी हैं जिनके पास गृह मंत्रालय भी है.

बिहार में जातीय समीकरण को अगर ध्यान में रखें तो ये साफ हो जाता है कि बिहार का मुख्यमंत्री तो कोई पिछड़ी जाति से ही बनेगा कोई सर्वण तो बन नहीं सकता.यदि आप कुर्मी मुख्यमंत्री को हटाते हैं तो कोईरी मुख्यमंत्री बना सकते हैं क्योंकि दोनों जातियां लव कुश की तरह हैं.यही नहीं पटना दीघा के विधायक संजीव चौरसिया का भी नाम आ रहा है.साथ ही केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय जो यादव समुदाय से आते हैं और केंद्रीय गृह मंत्री के बेहद करीबी हैं उनके नाम की भी चर्चा है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नित्यानंद राय को बड़ी ज़िम्मेदारी देने की बात कई बार सार्वजनिक मंच से कर चुके हैं.मगर बात वहीं पर आ जाती है कि बीजेपी हर फैसले में चौंकाती है फिर कई नाम हैं जो पिछड़ी जाति से आते हैं क्या पता कोई दलित मुख्यमंत्री भी बीजेपी बना सकती है इसलिए मैं किसी का नाम नहीं लिख रहा हूं.यदि किसी का नाम चलने लगता है तो वो कभी नहीं बनता इसलिए किसी का चांस खत्म नहीं करना चाहिए.अब जो फैसला बीजेपी नेतृत्व करता है उसका हमें इंतजार करा चाहिए मगर इतना तो तय है कि बिहार में होली का रंग भी नहीं उतरा मगर मुख्यमंत्री बदल रहा है.

यह भी पढ़ें: क्या बिहार को नया मुख्यमंत्री मिलने वाला है?

यह भी पढ़ें: नीतीश कुमार छोड़ सकते हैं मुख्यमंत्री की कुर्सी, बेटे निशांत को मिल सकता है उपमुख्यमंत्री का पद - सूत्र

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
CM Nitish Kumar, Bihar Politics, JDU, BJP
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com