Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में स्थित प्रसाद अस्पताल के आईसीयू में गुरुवार सुबह करीब 3 बजे भीषण आग लग गई, जिसमें 4 मरीजों की मौत हो गई. सुबह करीब 8:30 बजे पूरी तरह से आग बुझने के बाद NDTV की टीम 5वें फ्लोर पर बने उसी आईसीयू के अंदर पहुंची और वहां की तस्वीर अपने कैमरे में कैद की. अंदर का नजारा हैरान कर देने वाला था.
राख हो गईं मशीनें, पिघल गई छत
आईसीयू के अंदर इस वक्त लाइट नहीं थी और सिर्फ खिड़कियों से रोशनी आ रही थी. इसी रोशनी में जमीन पर पड़ा जले हुए उपकरणों का मलबा साफ नजर आ रहा था. स्काई ब्लू कलर से रंगी आईसीयू की दीवारें अब पूरी तरह काली हो चुकी थीं. आईसीयू में लगे सभी उपकरण और पर्दे जल चुके थे. जिन बेड्स पर मरीजों का इलाज चल रहा था, वे पूरी तरह जल चुके थे. हालत यह थे कि गद्दे पिघलकर लोहे के फ्रेम से चिपक गए थे. मरीजों की जान बचाने वाले वेंटिलेटर, मॉनिटर और अन्य सभी लाइफ सेविंग इक्विपमेंट जलकर राख हो चुके थे. ऊपर छत की तरफ देखने पर पता चला कि आग की आंच से पीवीसी की छत टूटकर नीचे गिर गई थी और प्लास्टिक के पैनल पिघलकर हवा में लटक रहे थे.
'खेत बेचकर 3 लाख दिए, अब मरीज का पता नहीं'
हादसे के बाद अस्पताल के बाहर का मंजर अंदर से भी ज्यादा रुला देने वाला है. अपनों की तलाश में बदहवास परिजन रो-रोकर बेहाल हैं. NDTV ने जब अस्पताल के बाहर रो रही एक महिला से बात की, तो उन्होंने बताया, 'हम कल से यहां इलाज करवा रहे थे. खेत बेचकर पैसा लाए थे, 3 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं और सारा पैसा अस्पताल को दे दिया. लेकिन अब हमारे मरीज बृजनंदन का कुछ पता ही नहीं चल रहा है.' यह सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं है, अस्पताल के बाहर खड़े हर शख्स की आंखों में यही डर और अनगिनत सवाल हैं.
वार्ड में भर्ती थे करीब 25 मरीज, 4 की मौत की पुष्टि
शुरुआती जांच के मुताबिक, आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी. हादसे के वक्त आईसीयू में करीब 25 मरीज भर्ती थे. मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने 4 मौतों की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि रेस्क्यू किए गए बाकी सभी मरीजों को आसपास के अस्पतालों में सुरक्षित शिफ्ट कर दिया गया. मौत का आंकड़ा और न बढ़े, इसके लिए प्रशासन हाई अलर्ट पर है. रात में ही दर्जनों फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की मदद से कई मरीजों को निकालकर आसपास के सुरक्षित अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है. फिलहाल, भारी भीड़ और परिजनों के आक्रोश को देखते हुए अस्पताल परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. स्थिति नियंत्रण में है.
दूसरी ओर, फायर ब्रिगेड अधिकारियों का मानना है कि आईसीयू में फायर सेफ्टी उपकरणों की कमी के कारण आग इतनी तेजी से फैली. फिलहाल, जिलाधिकारी ने इस अग्निकांड की गहन जांच के आदेश दे दिए हैं.
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