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बिहार के रेल यात्रियों को मोदी सरकार की बड़ी सौगात, 54 किमी लंबे रूट पर बिछेगी एक और रेलवे लाइन

बिहार के रेल यात्रियों को मोदी सरकार से बड़ी सौगात मिली है. रेलवे की इस परियोजना के पूरा होने से पूर्वी और उत्तरी भारत में यात्रियों के आवागमन और माल ढुलाई दोनों की स्थिति सुदृढ़ होने की उम्मीद है.

बिहार के रेल यात्रियों को मोदी सरकार की बड़ी सौगात, 54 किमी लंबे रूट पर बिछेगी एक और रेलवे लाइन
बिहार के रेल यात्रियों को मोदी सरकार की बड़ी सौगात (File Photo)
IANS

बिहार को केंद्र की मोदी सरकार की तरफ से मंगलवार को बड़ी सौगात मिली है. हावड़ा-दिल्ली रेल कॉरिडोर पर 962 करोड़ रुपये की लागत से किऊल-झाझा के बीच तीसरी लाइन बिछाई जाएगी. इस 54 किमी लंबे रूट के किऊल-झाझा तीसरी लाइन प्रोजेक्ट को रेलवे की तरफ से मंजूरी मिल गई. इस पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीएम नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है. रेलवे के इस प्रोजेक्ट से ट्रेनों का संचालन और ज्यादा आसान हो जाएगा. माना जा रहा है कि किऊल और झाझा के बीच तीसरी लाइन पर जल्द ही काम शुरू होगा.

962 करोड़ की लागत से बिछेगी लाइन

सीएम सम्राट चौधरी ने पीएम मोदी और रेल मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि बिहार के रेल यात्रियों को मोदी सरकार से बड़ी सौगात मिली है. मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने किऊल-झाझा के मध्य तीसरी रेल लाइन के निर्माण कार्य को स्वीकृति दी है. यह परियोजना 961.71 करोड़ रुपए की लागत से पूरी होगी. उन्होंने आगे कहा कि यह महत्वपूर्ण परियोजना बिहार में रेल अवसंरचना को नई मजबूती प्रदान करेगी, यातायात सुगम होगा, उद्योग एवं व्यापार को गति मिलेगी तथा राज्य की आर्थिक प्रगति को नया आयाम मिलेगा. 

बता दें कि यह परियोजना भारतीय रेलवे के अति व्यस्त यातायात वाले नेटवर्क का महत्वपूर्ण भाग है और इससे पूर्वी और उत्तरी भारत में यात्रियों के आवागमन और माल ढुलाई दोनों की स्थिति सुदृढ़ होने की उम्मीद है. कहा जा रहा है कि किऊल-झाझा तीसरी लाइन परियोजना से हावड़ा-दिल्ली कॉरिडोर पर परिवहन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और रेल सेवाओं की समयबद्धता और परिचालन की सामर्थ्य में सुधार होगा. 

पैसेंजर और मालगाड़ियों की आवाजाही होगी आसान

अतिरिक्त रेल लाइन से सवारी गाड़ियों और मालगाड़ियों की सुचारू रूप से आवाजाही सुनिश्चित होगी और इसके साथ ही क्षेत्र में औद्योगिक विकास और व्यापारिक संपर्क में सहायता मिलेगी. प्रस्तावित 54 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन परियोजना से इस लाइन की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा, भीड़ कम होगी और पैसेंजर ट्रेनों और मालगाड़ियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित होगी. इस परियोजना से पटना और कोलकाता के बीच संपर्क और मजबूत होगा. साथ ही, इससे उत्तरी और पूर्वी भारत के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों के बीच माल ढुलाई भी सुगम होगी.

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