समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उत्तर प्रदेश में पिछले 10 वर्षों में 26 हजार से अधिक स्कूल बंद किए जाने के आरोप पर योगी सरकार ने तीखा पलटवार किया है. बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने अखिलेश के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्हें 'तथ्यों के बिना बयान देने वाला गैरजिम्मेदार नेता' बताया. वहीं, कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी सपा सरकार के कार्यकाल को निशाने पर लेते हुए शिक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई आरोप लगाए.
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्कूलों को लेकर जो भी दावे किए हैं, वे पूरी तरह गलत हैं. उन्होंने कहा, 'सबसे पहले मैं अखिलेश यादव से कहना चाहता हूं कि बिना तथ्य और वास्तविक जानकारी जाने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देना और कोई भी दावा कर देना बेहद गैरजिम्मेदाराना है. उन्होंने स्कूलों को लेकर जो भी बातें कही हैं, मैं उनकी हर बात को खारिज करता हूं.'
संदीप सिंह ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार 1,32,773 परिषदीय विद्यालय संचालित कर रही है. इसके अलावा 71,877 बाल वाटिकाएं भी प्रदेश में संचालित हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर काम किया है. बच्चों को प्री-प्राइमरी स्तर पर बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं और नए शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा रही है.
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने कोई भी स्कूल बंद नहीं किया है. उन्होंने बताया कि लगभग 19 हजार ऐसे विद्यालय जो एक ही परिसर में अलग-अलग संचालित हो रहे थे, उन्हें प्रशासनिक सुविधा और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए मर्ज किया गया है. इसके अलावा 5,913 ऐसे विद्यालय जिनमें 50 से कम छात्र थे और जो एक किलोमीटर से कम दूरी पर स्थित दूसरे स्कूलों के पास थे, उनके मर्जर का निर्णय लिया गया.
उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों को बंद नहीं किया गया है. इनमें प्री-प्राइमरी (बाल वाटिका) कक्षाएं संचालित की जाएंगी. इससे न तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी और न ही शिक्षकों की सेवाओं पर कोई असर पड़ेगा.
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने झूठ बोलने का ठेका ले रखा है. उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने प्रदेश के सभी 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए हैं, जिसकी कल्पना भी समाजवादी पार्टी नहीं कर सकती थी.
राजभर ने कहा, 'अगर अखिलेश यादव कन्नौज के ही किसी सरकारी स्कूल में चले जाएं तो उन्हें खुद पता चल जाएगा कि उनके समय और आज की शिक्षा व्यवस्था में कितना अंतर है.'
राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त थी. उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लेकर लोग अरहर और सरसों के खेतों में बैठकर हल करते थे. तीन घंटे की परीक्षा पांच घंटे तक चलती थी और खुलेआम नकल होती थी. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सरकारी नौकरियां पैसों के दम पर मिलती थीं, जबकि योगी सरकार ने नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियां पारदर्शी तरीके से दी हैं.
ओम प्रकाश राजभर ने कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में स्कूलों के बाहर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता था, जिससे छात्राएं भय के माहौल में पढ़ाई करती थीं. उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और आज बेटियां बिना किसी डर के स्कूल जा रही हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश अब दंगामुक्त है, जबकि सपा सरकार के समय दंगे आम बात थे.
ये भी पढ़ें- भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी वाले 158 केस खा रहे थे कोर्ट में धूल
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं