- आंकड़ों से साबित करने की कोशिश की कि देश में कोई मंदी नहीं
- दावा किया, गाड़ियों के 300 शोरूम बंद होने की खबर में सच्चाई नहीं
- बाढ़ से जनजीवन और व्यापार पर भी प्रतिकूल असर पड़ा
बिहार के वित्त मंत्री सुशील मोदी ने आज कहा कि 'देश में मंदी आ गई, मंदी आ गई.. कहकर एक माहौल बनाने का प्रयास चुनाव में हारे विपक्षी दलों के लोग कर रहे हैं.' सुशील मोदी अपने बयान, 'देश में सावन-भादों के महीने में लोग नया सामान कम खरीदते हैं' पर आलोचना झेल रहे हैं. मोदी ने सोमवार को पटना में एक कार्यक्रम में कहा कि 'मैं व्यापारी बैकग्राउंड वाले घर से आता हूं और यह बात बचपन से जानता हूं कि भादों और खरमास के महीने में लोग खरीदारी कम करते हैं.'
सुशील मोदी ने इस कार्यक्रम में कई आंकड़े देकर यह साबित करने की कोशिश की कि पूरे देश में कोई मंदी नहीं हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि गाड़ियों के 300 शोरूम बंद होने की खबर में सच्चाई नहीं है. इसके लिए उन्होंने बिहार के पथ निर्माण निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव के बेटे को कोट किया जो कई शोरूम के मालिक हैं.
हालांकि उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में बहुत सारे कारणों से हो सकता है कि बिक्री में कमी आयी हो. इस संबंध में उन्होंने बाढ़ का जिक्र किया कि बिहार के जिले बाढ़ से प्रभावित थे और पूरे देश में 53 ऐसे जिले थे, जिसके कारण जनजीवन कई दिनों तक प्रभावित रहा. इससे न केवल आम जनजीवन पर बल्कि व्यापार पर भी प्रतिकूल असर पड़ा होगा.
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सुशील मोदी ने मीडिया से अपील की कि वह लोगों के बीच निराशा का माहौल न पैदा करे. उन्होंने उस समारोह में मौजूद खाद्यान्न व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि जब तक केंद्र में नरेंद्र मोदी और बिहार में नीतीश कुमार की सरकार है, उद्योग और व्यापार को कोई हाथ नहीं लगा सकता. उन्हें कोई तंग नहीं कर सकता, इसलिए निराशा में जीने का कोई फायदा नहीं है.
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