बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार. (फाइल फोटो)
- राज्यपाल की चिट्ठी पर नीतीश को कोई आपत्ति नहीं
- कहा- राज्यपाल ने स्वाभाविक चिंता को प्रकट किया है
- नीतीश कुमार कह चुके हैं दोषी बख्शे नहीं जाएंगे
पटना:
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को साफ कर दिया की राज्यपाल ने जो चिट्ठी लिखी थी उस पर उनको कोई आपत्ति नहीं. हालांकि उन्होंने केंद्रीय विधि मंत्री और पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को मुजफ्फरपुर के मुद्दे पर पत्र क्यों लिखा था उसका जवाब राज्यपाल ही दे सकते हैं. नीतीश कुमार के जवाब से साफ़ झलक रहा था की वो राज्यपाल द्वारा लिखे गए खतों के सिलसिले से न केवल नाखुश हैं बल्कि वह चाहते हैं कि राजपाल अब इस मुद्दे पर कुछ सफाई दें.
यह भी पढ़ें : मुजफ्फरपुर कांड पर राज्यपाल की चिट्ठी को जेडीयू मान रही दिल्ली के बीजेपी मुख्यालय का 'खेल'
नीतीश कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कहा कि राज्यपाल ने खत में अपनी स्वाभाविक चिंता को प्रकट किया है लेकिन केंद्रीय विधि मंत्री को जो लिखा है उसके बारे में उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं है. उन्होंने कहा कि ये लिखने वाले ही बता सकते हैं उनका क्या मक़सद है. हालांकि इस मुद्दे पर जब उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी से पूछा गया तब उन्होंने कहा कि जब मुख्य मंत्री ने बोल दिया है तब उनके और बोलने का कोई अर्थ नहीं है.
यह भी पढ़ें : JDU को बीजेपी पर 'खेल' का शक, अब सीपी ठाकुर ने मांगा मंजू वर्मा का इस्तीफा
नीतीश कुमार के रुख से साफ था कि राज्यपाल सत्यपाल मालिक से शायद उन्हें ये उम्मीद नहीं थी कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के इशारे पर उन्हें घेरने की कोशिश करेंगे. लेकिन जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेताओं का कहना है कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व नीतीश कुमार को आंकने में चूक कर रहा है. इस प्रकरण के बाद जो राज्यपाल और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में एक सहज रिश्ता था उस पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा.
VIDEO: मुजफ्फरपुर रेप कांड पर नीतीश कुमार ने कहा- किसी को बख्शा नहीं जाएगा
विधान मंडल सत्र के दौरान जब भाजपा के विधान पार्षद नवल किशोर यादव ने राज्यपाल सत्यपाल मालिक के ख़िलाफ़ अपशब्द का प्रयोग टीवी कैमरा के सामने किया तो नीतीश ने ये सुनिश्चत किया था कि वो राजभवन जाकर उनसे खेद प्रकट करें.
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नीतीश कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कहा कि राज्यपाल ने खत में अपनी स्वाभाविक चिंता को प्रकट किया है लेकिन केंद्रीय विधि मंत्री को जो लिखा है उसके बारे में उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं है. उन्होंने कहा कि ये लिखने वाले ही बता सकते हैं उनका क्या मक़सद है. हालांकि इस मुद्दे पर जब उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी से पूछा गया तब उन्होंने कहा कि जब मुख्य मंत्री ने बोल दिया है तब उनके और बोलने का कोई अर्थ नहीं है.
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नीतीश कुमार के रुख से साफ था कि राज्यपाल सत्यपाल मालिक से शायद उन्हें ये उम्मीद नहीं थी कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के इशारे पर उन्हें घेरने की कोशिश करेंगे. लेकिन जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेताओं का कहना है कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व नीतीश कुमार को आंकने में चूक कर रहा है. इस प्रकरण के बाद जो राज्यपाल और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में एक सहज रिश्ता था उस पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा.
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विधान मंडल सत्र के दौरान जब भाजपा के विधान पार्षद नवल किशोर यादव ने राज्यपाल सत्यपाल मालिक के ख़िलाफ़ अपशब्द का प्रयोग टीवी कैमरा के सामने किया तो नीतीश ने ये सुनिश्चत किया था कि वो राजभवन जाकर उनसे खेद प्रकट करें.
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