बिहार की सियासत में बड़े बदलाव और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के केंद्र की राजनीति में जाने के बाद, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली भाजपा (NDA)सरकार की यह पहली बकरीद है. सरकार बदलने के बाद इस बार राज्य में त्योहारों को लेकर प्रशासनिक तेवर और सुरक्षा का खाका काफी बदला हुआ नजर आ रहा है. पूरे बिहार में 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत सुरक्षा बंदोबस्त पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा कड़े और हाईटेक कर दिए गए हैं. राजधानी पटना से लेकर सीमांचल के पूर्णिया और मगध के औरंगाबाद तक, पुलिस बल की भारी तैनाती और लगातार हो रहे फ्लैग मार्च इस बात की गवाही दे रहे हैं.
पटना में हाई-अलर्ट के बीच गांधी मैदान बना अभेद्य किला
राजधानी पटना में बकरीद को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. ऐतिहासिक गांधी मैदान में सुबह 7:30 बजे विशेष नमाज अदा की जाएगी, जहां करीब 15 हजार नमाजियों के पहुंचने का अनुमान है. इस विशेष मौके पर बिहार के नवनियुक्त स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के गांधी मैदान पहुंचने की संभावना है, जबकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस कार्यक्रम में शामिल होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है. सुरक्षा के लिहाज से इस बार गांधी मैदान को पूरी तरह छावनी में बदल दिया गया है.
CCTV से लेकर डॉय और बम स्क्वायड की तैनाती
सुरक्षा कारणों से फिलहाल गांधी मैदान में आम लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. मैदान के चप्पे-चप्पे पर बम निरोधक दस्ता (बम स्क्वायड) और डॉग स्क्वायड की टीमें लगातार सघन जांच अभियान चला रही हैं. वहीं पूरे मैदान और उसके आसपास के रास्तों की निगरानी हाई-डेफिनिशन CCTV कैमरों से की जा रही है. नमाजियों के प्रवेश के लिए गेट नंबर 5 से 10 तक विशेष व्यवस्था की गई है, जबकि वाहनों की पार्किंग और एंट्री के लिए गेट नंबर 9 और 10 तय किए गए हैं.
पटना में 479 जगहों पर भारी फोर्स
बकरीद पर्व को पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए पटना पुलिस सड़कों पर है. कंकड़बाग थाना क्षेत्र समेत कई इलाकों में पुलिस ने विधि व्यवस्था संधारण हेतु फ्लैग मार्च निकाला. पटना के जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने पूरे जिले में 479 संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां दंडाधिकारियों (मजिस्ट्रेट) और भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी है. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि सुरक्षा और चौकसी में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
पूर्णिया में संवेदनशील क्षेत्रों में एक्स्ट्रा फोर्स
सीमांचल के पूर्णिया जिले में भी भाजपा सरकार की इस पहली बकरीद पर पुलिस का कड़ा पहरा दिख रहा है. बकरीद की पूर्व संध्या पर प्रभारी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक (SP) की संयुक्त अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें क्षेत्र के आईजी (IG) विवेकानंद भी विशेष रूप से मौजूद रहे. पूर्णिया की एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया कि जिले में सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम हैं. कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की आशंका को देखते हुए जिले के करीब 3000 दागी और संदेहास्पद छवि के लोगों के खिलाफ धारा 126 के तहत 'बाउंड डाउन' की सख्त कार्रवाई की गई है. सभी थाना क्षेत्रों में स्थानीय प्रबुद्ध लोगों के साथ शांति समिति की बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं.
सुबह नमाज के वक्त सभी मस्जिदों और ईदगाहों के पास अतिरिक्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे. इसके साथ ही नगर निगम को साफ-सफाई और बिजली विभाग को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है.
औरंगाबाद में भी अलर्ट जारी
मगध के औरंगाबाद जिले में भी जिला प्रशासन और पुलिस ने पूरी तरह कमर कस ली है. जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल ने भारी पुलिस बल के साथ खुद सड़कों पर उतरकर फ्लैग मार्च किया.
यह मार्च समाहरणालय से शुरू होकर नवाडीह, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम पार्क, वराटपुर और टिकरी रोड होते हुए रमेश चौक तक पहुंचा. डीएम-एसपी ने लोगों से आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की और साफ किया कि भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील सार्वजनिक स्थलों पर फोर्स की तैनाती चौबीसों घंटे रहेगी. किसी भी आपात स्थिति के लिए जिला प्रशासन ने क्विक रिस्पांस टीम को एक्टिव रखा है.
नीतीश शासन के बाद बनी नई सरकार में इस बार अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट पर लगाम लगाने के लिए तकनीक का सहारा बड़े पैमाने पर लिया जा रहा है. पटना सहित राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में विशेष 'सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल' को 24 घंटे के लिए सक्रिय कर दिया गया है.
साइबर टीम फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स (ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर हर एक गतिविधि और पोस्ट पर पैनी नजर रख रही है. प्रशासन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि माहौल बिगाड़ने या सांप्रदायिक सौहार्द को ठेस पहुंचाने वाली पोस्ट शेयर करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और जरूरत पड़ने पर बिना किसी देरी के सीधे नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर जेल भेजा जाएगा.
प्रशासन की अपील
ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्याग, बलिदान और आपसी भाईचारे का प्रतीक है. सभी नागरिक शांति और सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें. मस्जिदों और ईदगाहों के आसपास साफ-सफाई, पेयजल और सुरक्षा के सभी जरूरी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं.
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