बिहार में टेंडर घोटाले मामले में IAS संजीव हंस, रिशु श्री और अन्य अधिकारियों समेत 7 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर दाखिल हो गई है. स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने फरार IAS संजीव हंस को किसी भी सूरत में गिरफ्तार करने की बात कही. IAS अभिलाषा शर्मा और योगेश सागर के खिलाफ टेंडर मैनेज करने के सबूत नहीं मिले. दोनों ने ठेकेदार रिशु श्री से महंगे तोहफे और विदेश टूर के पैसे लिए थे. केस की जांच कर रही स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) के ADG पंकज दराद ने बताया कि रिशु श्री, IAS संजीव हंस, संतोष कुमार, पवन कुमार और अन्य अज्ञात के खिलाफ केस में मुमुक्षु चौधरी, तारिणी दास और उमेश सिंह के खिलाफ जांच में सबूत मिले हैं.
अपने प्रभाव के दम रिशु श्री ने लिया टेंडर
टेंडर में दलाली करना, सरकारी अधिकारियों को कमीशन के जरिए मैनेज किया जाता था. विजिलेंस यूनिट ने बताया कि हमारी जांच में गवाहों के बयान लिए गए. सहरसा और सीतामढ़ी सहित कई जगहों पर हमारी टीम गई. कोशी बराज में फिजिकल मॉडलिंग सेंटर का टेंडर रिशु श्री ने अपने प्रभाव से पहले अहमदाबाद की कंपनी को दिलाया था.
SVU के अनुसार, बाद में पवन कुमार के डायरेक्टर शिप वाली खुद की कंपनी को काम दिलाया. इस काम के लिए पहले 69 करोड़ की राशि का टेंडर निकला था. बाद में इसी काम का दूसरा टेंडर निकला, इसकी राशि बढ़ कर 98 करोड़ हो गई. रिशुश्री अपने फेवरेट कंपनी को आगे करता था. टेंडर दिलवाने में मदद करता था. फिर उन कंपनियों से 7 से 10 % कमीशन लेता था. इसमें अधिकारियों को भी हिस्सा देता था. लेनदेन के सबूत मोबाइल में और कागजात में मिले हैं.
7-8 साल में धनकुबेर बन गया ठेकेदार रिशु श्री
जानकारी के मुताबिक, ठेकेदार रिशुश्री 7-8 सालों में ही धनवान बन गया. जब छापेमारी हुई थी, तब रिशुश्री के घर से 61 प्रॉपर्टी के डीड और करोड़ों रुपये के जेवर मिले थे. विजिलेंस यूनिट के अनुसार, सहरसा में रिशुश्री ने काफी टेंडर मैनेज किया था. इसके सबूत मिले हैं. ADG के अनुसार भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता रहे तारिणी दास ने 10 टेंडर दिलवाया था. ADG ने स्पष्ट कर दिया है कि इन सभी 7 आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत हैं. इसी आधार पर आज चार्जशीट दाखिल किया गया है.

IAS अभिलाषा शर्मा-योगेश कुमार से होगी पूछताछ
टेंडर घोटाले में विजिलेंस यूनिट की टीम IAS अधिकारी अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर से पूछताछ होगी. दो बार नोटिस दिया गया है. इनके खिलाफ टेंडर मैनेज करने के सबूत नहीं मिले हैं. पैसे लेने के सबूत मिले हैं. स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने कहा कि IAS संजीव हंस और पवन की गिरफ्तारी होगी, ये दोनों फरार हैं. IAS अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर को रिशु ने विदेश यात्रा पर भेजा था. यह बात सही है. पूछताछ में रिशु ने बताया था कि अभिलाषा बहुत अच्छा ज्योतिष जानती हैं. उनका हाथ देखी थी. कुछ पूजा पाठ बताई थी. इनके बीच रुपयों के लेनदेन का सबूत है.
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