- पकड़े गए युवक की कई जगह बेनामी संपत्ति होने की सूचना मिली है.
- वह लंबे समय से लोगों को भ्रमित करके बिहार में अलग-अलग जगहों पर ठगी कर रहा था.
- उसके पास से भारत सरकार लिखी एक टेस्ला कार मिली है, जिसमें काफी एडवांस फीचर हैं.
बिहार के खगड़िया जिले में रविवार को पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है. जो खुद को IAS अधिकारी और NSA अजीत डोभाल का खुफिया एजेंट बताता था. वह खुद को अधिकारी बताकर लोगों के साथ ठगी करता था. पकड़े गए आरोपी ने अपनी टेस्ला और टाटा सफारी गाड़ियों पर 'भारत सरकार' का बोर्ड लगा रखा था, जिसके जरिए वह रौब जमाता था. आरोपी के पास छापेमारी में 'भारत सरकार' लिखी टेस्ला कार, 31 लीटर विदेशी शराब, बारहसिंगा के दो सींग, 5 आईफोन, 28 क्रेडिट-डेबिट कार्ड और फर्जी आईकार्ड बरामद हुए हैं. आरोपी की बेनामी संपत्तियों की जांच के लिए अब ईओयू (EOU) की मदद ली जा रही है.
लंबे समय से कर रहा था ठगी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान गोगरी थाना क्षेत्र के जमालपुर बाजार निवासी मनीष कुमार उर्फ मनीष कुमार गुप्ता के रूप में हुई है. एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मनीष गुप्ता लंबे समय से खुद को IAS अफसर बताकर बिहार में अलग-अलग हिस्सों लोगों को भ्रमित कर कथित रूप से ठगी कर रहा है. इसके बाद पुलिस टीम का गठन कर उसके घर पर छापेमारी की गई.
कभी IAS तो कभी अजीत डोभाल का खुफिया एजेंट बताता
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुद को केंद्रीय सतर्कता आयोग से जुड़ा व्यक्ति बताने की कोशिश की. इतना ही नहीं, उसने खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल का गुप्त एजेंट होने का भी दावा किया. पुलिस ने इन दावों को प्रथम दृष्टया फर्जी पाया है. उसके पास से ऐसा पहचान पत्र भी बरामद हुआ है, जिस पर खुद को आईएएस अधिकारी बताया गया था.

भारत सरकार लिखी कार जब्त
इसके अलावा बारहसिंगा के दो सींग भी बरामद हुए हैं. पुलिस ने बताया कि वन्यजीव से संबंधित यह बरामदगी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गंभीर अपराध के दायरे में आती है. पुलिस ने आरोपी के पास से एक टेस्ला कार भी जब्त की है, जिस पर ‘भारत सरकार' का बोर्ड लगा हुआ था. पुलिस के मुताबिक, यह टेस्ला का बड़ा मॉडल है और जिसमें एडवांस फीचर हैं.
एक टाटा सफारी गाड़ी भी बरामद
एसपी ने स्पष्ट किया कि इसे पूरी तरह चालक रहित कार कहना तकनीकी रूप से उचित नहीं होगा, लेकिन इसमें उन्नत ड्राइविंग सहायता प्रणाली से जुड़े फीचर मौजूद हैं. इसके अलावा टाटा सफारी गाड़ी भी बरामद की गई है, जिस पर कथित तौर पर 'भारत सरकार' का बोर्ड लगा था. जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एप्पल कंपनी के पांच मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, विभिन्न बैंकों के 20 क्रेडिट कार्ड, 8 डेबिट कार्ड और 4 चेकबुक भी बरामद की हैं. पुलिस का कहना है कि बरामद सामान और दस्तावेजों की जांच की जा रही है.

खगड़िया के एसपी भानु प्रताप सिंह
आरोपी बिहार से बाहर दूसरे राज्यों में संपत्ति की सूचना
पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी की संपत्ति और उसके आय के स्रोतों का भी मूल्यांकन किया जा रहा है. मामले की वित्तीय जटिलताओं को देखते हुए आर्थिक अपराध इकाई की मदद भी ली जाएगी. पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने लोगों को भ्रमित कर, ठगी या कथित भ्रष्ट गतिविधियों के माध्यम से संपत्ति अर्जित की है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी की संपत्ति बिहार के अलावा दूसरे राज्यों और विदेशों में भी होने की सूचना मिली है.
हालांकि, इन दावों का अभी सत्यापन किया जा रहा है. एसपी ने कहा कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई और तथ्य सामने आ सकते हैं. उन्होंने कहा कि मामला केवल फर्जी पहचान बनाकर लोगों को गुमराह करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें वित्तीय लेनदेन और संपत्ति से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है.
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