किसी इंसान का जेंडर क्या है या आगे क्या होगा, इसे लेकर फैसला कौन करे? इस सवाल पर अमेरिका में बहस तेज है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी सरकार का रुख साफ है- नाबालिगों के जेंडर बदलने से जुड़ी सर्जरी और हार्मोन थेरेपी के लिए अब सरकारी पैसा नहीं दिया जाएगा. ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार बच्चों को ऐसी प्रक्रियाओं से बचाएगी, जिन्हें वह बर्बर मानते हैं. ट्रंप ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह जानकारी दी. ट्रंप ने बताया कि यह फैसला उनके निर्देश पर मेडिकेयर और मेडिकेड सर्विसेज सेंटर (CMS) के हेड डॉक्टर मेहमत ओज ने लिया है.
ट्रंप ने क्या कहा है?
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा, “आज मेरे निर्देश पर डॉक्टर मेहमत ओज ने घोषणा की कि मेडिकेड अब नाबालिगों की जेंडर बदलने वाली सर्जरी और हार्मोन का खर्च नहीं उठाएगा. हम अपने मासूम बच्चों की ऐसी बर्बर सर्जरी और प्रक्रियाओं के लिए पैसा नहीं देंगे, जिससे उनके छोटे शरीर को ऐसा नुकसान हो सकता है, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है और जिसे बाद में ठीक नहीं किया जा सकता.”
उन्होंने आगे कहा कि पिछले डेढ़ साल से इस मुद्दे पर उनकी सरकार के कड़े रुख और दबाव के कारण अमेरिका के दर्जनों हॉस्पिटल पहले ही इस तरह की “जेंडर-अफर्मिंग केयर” बंद कर चुके हैं और उन्हें उम्मीद है कि आगे और हॉस्पिटल भी ऐसा करेंगे. ट्रंप ने कहा कि इससे उन बहुत से छोटे, मासूम और शायद इस मामले को लेकर उलझन में रहने वाले बच्चों को ऐसी प्रक्रियाओं से बचाया जा सकेगा.
उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी पर भी निशाना साधा. ट्रंप ने कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी चाहती है कि बच्चे वोट देने की उम्र तक पहुंचने से पहले ही अपने प्रजनन अंगों की सर्जरी करा सकें. ट्रंप ने इसे बेतुका बताया और कहा कि वह और रिपब्लिकन पार्टी अमेरिका के बच्चों की सुरक्षा करेंगे. ट्रंप ने लोगों से नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव में वोट डालते समय इस मुद्दे को याद रखने को भी कहा.
ट्रंप सरकार क्या कर रही?
CMS के एडमिनिस्ट्रेटर डॉक्टर मेहमत ओज ने कहा कि बच्चों को ऐसी प्रक्रियाओं से गुजरने के बजाय उनकी सुरक्षा की जानी चाहिए. उन्होंने इन सर्जरी को प्रयोगात्मक बताया. ओज ने कहा कि इन प्रक्रियाओं के लिए फंड रोककर सरकार विज्ञान के आधार पर फैसला कर रही है, टैक्स देने वालों का पैसा बचा रही है और सबसे जरूरी बात यह है कि बच्चों को ऐसे नुकसान से बचा रही है, जिसे बाद में ठीक नहीं किया जा सकता, ताकि वे बेहतर तरीके से आगे बढ़ सकें.
हालांकि, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं पर इस नए नियम का असर नहीं पड़ेगा. जो बच्चे पहले से हार्मोन थेरेपी ले रहे हैं, उन्हें अधिकतम छह महीने तक संघीय फंडिंग मिलती रहेगी. यह नया नियम 13 अक्टूबर से लागू होगा.
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