- सीतामढ़ी में तीन हफ्ते पहले एक बुज़ुर्ग को ज़िंदा जला दिया गया था
- अभी तक कोई भी आरोपी गिरफ्तार नहीं.
- शव घर से 75 किलोमीटर दूर दफनाया
तेजस्वी ने बुधवार को लगातार तीन ट्वीट करते नीतीश कुमार पर निशाना साधा. पहले ट्वीट में उन्होंने लिखा है, '25 दिन पहले बिहार के सीतामढ़ी में संघ प्रशिक्षित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा संरक्षित उन्मादी भीड़ ने 82 वर्षीय बुजुर्ग जैनुल अंसारी को जमकर पीटा. फिर गला रेत सरेआम चौक पर जिंदा जला दिया था. और तो और प्रशासन ने उन्हें 75 किमी दूर दूसरे जिले में दफनाया.'25 दिन पहले बिहार के सीतामढ़ी में संघ प्रशिक्षित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा संरक्षित उन्मादी भीड़ ने 82 वर्षीय बुजुर्ग जैनुल अंसारी को जमकर पीटा फिर गला रेत सरेआम चौक पर जिंदा जला दिया था। और तो और प्रशासन ने उन्हें 75 किमी दूर दूसरे जिले में दफ़नाया। https://t.co/RLuhATVd4S
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) November 14, 2018
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वहीं दूसरी ट्वीट में उन्होंने कहा, 'जनादेश के चीरहर्ता और सृजन चोर मुखिया आदरणीय नीतीश कुमार की नकारा पुलिस ने अभी तक जानबुझकर 82 वर्षीय बुज़ुर्ग को जिंदा जलाने वाले दंगाईयों को नहीं पकड़ा है ताकि वो दरिंदे फिर किसी और को ज़िंदा जला सके. और नीतीश जी चुनाव से पहले सांप्रदायिक तनाव पैदा कर वोटों की फ़सल काट सके.'
एक अन्य ट्वीट में तेजस्वी ने लिखा है, 'जनादेश चोर सांप्रदायिक मुख्यमंत्री की अंतरात्मा महागठबंधन में इसलिए घुट रही थी क्योंकि हमारे रहते उन्हें किसी को जिंदा जलवाने और सांप्रदायिक दंगे प्रायोजित करवाने की छूट नहीं थी. हमने दंगाईयों को नकेल डाल रखी थी. गोडसे के उपासक सीएम की नैतिकता अब मजे में है क्योंकि संघी संग है.'जनादेश के चीरहर्ता एवं सृजन चोर मुखिया आदरणीय नीतीश कुमार की नकारा पुलिस ने अभीतक जानबुझकर 82 वर्षीय बुज़ुर्ग को ज़िंदा जलाने वाले दंगाईयों को नहीं पकड़ा है ताकि वो दरिंदे फिर किसी और को ज़िंदा जला सके और नीतीश जी चुनाव से पहले सांप्रदायिक तनाव पैदा कर वोटों की फ़सल काट सके।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) November 14, 2018
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जनादेश चोर सांप्रदायिक मुख्यमंत्री की अंतरात्मा महागठबंधन में इसलिए घुट रही थी क्योंकि हमारे रहते उन्हें किसी को ज़िंदा जलवाने और सांप्रदायिक दंगे प्रायोजित करवाने की छूट नहीं थी।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) November 14, 2018
हमने दंगाईयों के नकेल डाल रखी थी। गोडसे के उपासक सीएम की नैतिकता अब मजे में है क्योंकि संघी संग है।
बता दें, बिहार के सीतामढ़ी में तीन हफ्ते पहले एक बुज़ुर्ग को ज़िंदा जला दिया गया था. बताया जा रहा है कि पिछले महीने हिंसा के दौरान उन्मादी भीड़ ने पहले जैनुल अंसारी का गला रेता और उसके बाद चौक पर जिंदा जला दिया. परिवार को इस घटना का पता तीन दिन बाद चला. हिंसा के दौरान सीतामढ़ी में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी, लेकिन हत्या के तीन दिन बाद जब एक घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बहाल की गई तब जैनुल अंसारी के परिजनों को एक वायरल फोटो मिला, जो उनकी हत्या का था. कहा यह भी जा रहा है कि प्रशासन के दबाव की वजह से जैनुल अंसारी के परिजनों को उनका शव पैतृक गांव से 75 किलोमीटर दूर मुज़फ़्फ़रपुर में दफ़नाना पड़ा.
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