बिहार के नालंदा में आवारा कुत्तों का खौफ लगातार बढ़ता जा रहा है. शहर से लेकर गांव तक लोग स्ट्रीट डॉग के हमले का शिकार हो रहे हैं. इसका अंदाजा बिहारशरीफ सदर अस्पताल के आंकड़ों से लगाया जा सकता है, जहां पिछले 6 महीने में 13 हजार 212 लोगों को डॉग बाइट के बाद एंटी-रेबीज वैक्सीन दिया गया है. अस्पताल में रोजाना करीब 60 से 70 लोग कुत्ते के काटने के बाद इलाज और वैक्सीन के लिए पहुंच रहे हैं.
डॉग बाइट के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब प्रशासन ने अस्पताल आने वाले मरीजों की लोकेशन दर्ज कर प्रभावित इलाकों की पहचान शुरू कर दी है. हैरान करने वाली बात यह भी है कि बिहारशरीफ सदर अस्पताल में भी आवारा डॉग बड़ी संख्या में हैं, जिससे वहां इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परजिनों को परेशानी होती है. लगातार शिकायत के बाद बिहारशरीफ नगर निगम ने सदर अस्पताल परिसर से आवारा कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी है. नॉनवेज की दुकानों हटाने पर भी विचार किया जा रहा है.
नॉनवेज दुकानों को शिफ्ट करने की जरूरत
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन के अनुसार, डॉग बाइट के बढ़ते मामलों को देखते हुए नगर निगम से आवारा कुत्तों और सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं को पकड़ने की मांग की गई है. साथ ही, अस्पताल के आसपास सड़क किनारे चलने वाली नॉनवेज दुकानों को दूसरी जगह शिफ्ट करने की भी जरूरत बताई गई है, जिससे कुत्तों का जमावड़ा कम किया जा सके.
नाम पता नोट कर रहे
जिलाधिकारी के निर्देश पर डॉग बाइट के मरीजों से मोबाइल नंबर और उनकी लोकेशन की जानकारी ली जा रही है, इसका उद्देश्य ऐसे इलाकों की पहचान करना है, जहां कुत्तों के काटने के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं. इसके आधार पर प्रभावित क्षेत्रों में आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. बिहारशरीफ सदर अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं. मरीजों को 24 घंटे वैक्सीन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है.
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