- बिहार म्यूजियम को विश्व के 100 बेस्ट म्यूजियम में 9वां स्थान मिला है, जो बिहार की गरीबी को चुनौती देता है.
- जर्मनी की ट्रैवल गाइड द्वारा जारी सूची में यह म्यूजियम एशिया का नंबर एक संग्रहालय घोषित हुआ है.
- 2015 में तत्कालीन CM नीतीश कुमार ने इस म्यजियम का उद्घाटन किया था. इसकी लागत पांच सौ करोड़ रुपये थी.
भारत के गरीब राज्यों की लिस्ट में आने वाले बिहार के म्यूजियम ने दुनिया में अपना डंका बजाया है. राजधानी पटना के बेली रोड स्थित बिहार म्यूजियम को दुनिया के 100 सबसे अच्छे संग्रहालय की सूची में 9वां स्थान मिला है. इसे भारत ही नहीं एशिया का नंबर म्यूजियम बताया गया है. बिहार म्यूजियम को मिली यह पहचान राज्य के पिछड़ेपन, गरीबी को पीछे छोड़ती है. जर्मनी की ट्रैवल गाइड 'वर्थ अ जर्नी' (Worth a Journey) द्वारा जारी 'दुनिया के 100 सर्वश्रेष्ठ संग्रहालयों' 2026 की सूची में बिहार संग्रहालय ने 9वां स्थान मिलना बड़ी उपलब्धि है.
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न्यूयॉक, पेरिस के म्यूजियम को छोड़ा पीछे
बिहार म्यूजियम ने न्यूयॉर्क के 'मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट' और पेरिस के 'लूव्र म्यूजियम' को पीछे छोड़ा. न्यूयॉर्क के 'मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट' को इस लिस्ट में 10वां तो पेरिस के लूव्र म्यूजियम को 31वां स्थान मिला है.

बिहार म्यूजियम में ऐसा क्या खास हैं?
बिहार म्यूजियम का उद्घाटन 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था. यह 13 एकड़ के परिसर में फैला है और इसे बनाने में 500 करोड़ रुपये की लागत आई है. यह बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक ड्रीम प्रोजेक्ट था. यह शहर के केंद्र में पटना उच्च न्यायालय के ठीक बगल में और बेली रोड पर स्थित है.

यह बिहार के प्राचीन इतिहास और आधुनिक वास्तुकला का एक बेहतरीन संगम है. यहां आपको बिहार के इतिहास और संस्कृति के बारे में भरपूर जानकारी मिलेगी. संग्रहालय में विभिन्न भाव-भंगिमाओं में बुद्ध, सम्राट अशोक के शासन काल के दौरान बनाए गए दीदारगंज की बहुचर्चित यक्षी की प्रतिमा आदि कला प्रेमियों को आकर्षित करता है.
इस म्यूजियम में 4 लाख साल पुराने पत्थर का एक बड़ा संग्रहालय हैं. इसके अलावा मिथिला और यंत्र जैसे EYE Catching स्ट्रक्चर यहां लगाए गए हैं. इस म्यूजियम में बिहार की प्राचीन विरासत और मॉडर्न आर्ट का ज़बरदस्त मिश्रण देखने को मिलता है.

इस म्यूजियम में इंडस- मौर्य काल के साथ-साथ बौद्ध और जैन धर्म से जुड़े कई कला आपको देखने को मिलती हैं. यहां गौतम बुद्ध की 2000 साल पुरानी मूर्ति आपको यहां लगाई गई है, भगवान जैन के साथ जैन धर्म का विस्तार कैसे बिहार में फैला इसकी पूरी विवरणी यहां दिखाई गई.

आर्ट गैलरी और कला दीर्घा भी
संग्रहालय का प्रवेश द्वार बेहद खूबसूरत है. यहां एक आर्ट गैलरी और ऐतिहासिक कला दीर्घा है, जहां 4 लाख साल से भी पुरानी कई मूर्तियां और पत्थर के अवशेष सहेज कर रखे गए हैं. इसके अंदर 'पॉटबेली' (Potbelly) नाम का एक शानदार रेस्तरां भी है.

दुनिया के टॉप 10 म्यूजियम
- राष्ट्रीय मानव विज्ञान संग्रहालय (Museo Nacional de Antropología), मेक्सिको सिटी, मेक्सिको
- प्राडो संग्रहालय (Museo del Prado), मैड्रिड, स्पेन
- लुइज़ियाना आधुनिक कला संग्रहालय (Louisiana Museum of Modern Art), डेनमार्क
- स्टेट हर्मिटेज संग्रहालय (State Hermitage Museum), सेंट पीटर्सबर्ग, रूस
- कुन्स्थिस्टोरिशेस संग्रहालय (Kunsthistorisches Museum), वियना, ऑस्ट्रिया
- शानलिउरफ़ा पुरातत्व संग्रहालय (Sanlıurfa Archaeology Museum), शानलिउरफ़ा, तुर्किये
- द्वितीय विश्व युद्ध संग्रहालय (Museum of the Second World War), ग्दांस्क, पोलैंड
- द नेशनल WWII म्यूज़ियम (The National WWII Museum), न्यू ऑरलियन्स, अमेरिका
- बिहार संग्रहालय (Bihar Museum), पटना, भारत
- मेट्रोपॉलिटन म्यूज़ियम ऑफ आर्ट (The Metropolitan Museum of Art - The Met), न्यूयॉर्क, अमेरिका
बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित नेताओं ने बिहार म्यूजियम को मिले सम्मान को सराहा है. जदयू ने एक्स पोस्ट में लिखा- जिस बिहार म्यूजियम की आवश्यकता पर कभी लोग सवाल उठा रहे थे, आज वही विश्वस्तरीय पहचान का प्रतीक बन चुका है.
जिस बिहार म्यूजियम की आवश्यकता पर कभी लोग सवाल उठा रहे थे, आज वही विश्वस्तरीय पहचान का प्रतीक बन चुका है। आलोचनाओं को दरकिनार कर अपने संकल्पों को साकार करने वाले माननीय नीतीश कुमार जी की दूरदर्शी सोच और दृढ़ संकल्प ने बिहार की समृद्ध सभ्यता, गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच प्रदान किया है। यह सिर्फ एक संग्रहालय नहीं, बिहार के गौरव, अस्मिता और विरासत को सहेजने की एक ऐतिहासिक पहल है। उनकी इस साहसिक पहल से आज बिहार ही नहीं, पूरा देश गौरवान्वित हो रहा है। @NitishKumar #BiharMuseum #DhanyawadNitishJi #Bihar #NitishKumar #JDU #JanataDalUnited
— Janata Dal (United) (@Jduonline) October 30, 2026
JDU ने आगे लिखा आलोचनाओं को दरकिनार कर अपने संकल्पों को साकार करने वाले नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच और दृढ़ संकल्प ने बिहार की समृद्ध सभ्यता, गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच प्रदान किया है. यह सिर्फ एक संग्रहालय नहीं, बिहार के गौरव, अस्मिता और विरासत को सहेजने की एक ऐतिहासिक पहल है. उनकी इस साहसिक पहल से आज बिहार ही नहीं, पूरा देश गौरवान्वित हो रहा है.
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