Rajasthan News: बिहार में बेगूसराय जिले के तेघड़ा प्रखंड में विकास की एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है. यहां खेत के बीच एक स्कूल की इमारत तो बना दी गई लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए सड़क ही नहीं बनाई गई. नतीजा यह है कि न शिक्षक पहुंच पा रहे हैं और न ही बच्चे पढ़ने जा रहे हैं.
15 लाख खर्च फिर भी ताला बंद
करीब 15 लाख रुपये की लागत से पांच साल पहले इस स्कूल का निर्माण किया गया था. उद्घाटन भी हुआ लेकिन आज तक स्कूल का ताला नहीं खुला. यह इमारत अब खेत के बीच सिर्फ शोभा की वस्तु बनकर रह गई है.
जमीन दान में मिली थी
गांव के ही निवासी स्वर्गीय राम नारायण झा के पुत्र अनिल कुमार झा ने वर्ष 2018 में बच्चों की पढ़ाई के लिए 6 कट्ठा जमीन दान दी थी. स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से चारदीवारी और भवन तैयार कर दिया गया. लेकिन सड़क बनाने की ओर ध्यान नहीं दिया गया.

बच्चों को 2 किलोमीटर दूर जाना मजबूरी
इस स्कूल के नहीं खुलने से गांव के बच्चों को करीब 2 किलोमीटर दूर दूसरे स्कूल जाना पड़ता है. कई बच्चे दूरी और सुविधाओं की कमी के कारण पढ़ाई से दूर हो रहे हैं.
पहले सामुदायिक भवन में चलती थी पढ़ाई
इससे पहले जयमंगल टोला के सामुदायिक भवन में आंगनवाड़ी केंद्र और प्राथमिक स्कूल संचालित होता था. वहां भी सीमित संसाधनों के बीच कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई होती थी.

शिक्षा विभाग की सफाई
जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि स्कूल भवन तैयार है लेकिन वहां पहुंचने के लिए रास्ता नहीं है. इसी कारण विद्यालय को अन्य जगह संचालित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगे निर्णय लिया जाएगा.
सिस्टम पर उठ रहे सवाल
यह पूरा मामला सरकारी योजनाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है. भवन बन गया लेकिन मूलभूत जरूरत सड़क नहीं बनी. अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द इस समस्या का समाधान होगा और बच्चों को उनका स्कूल मिल पाएगा.
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