- बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने बीजेपी के नीरज सिन्हा को 18 हजार से ज्यादा वोटों से हराया
- प्रशांत किशोर को 63 हजार से अधिक वोट मिले जबकि नीरज सिन्हा को 44 हजार से कुछ अधिक वोट मिले
- यह सीट तीन दशक बाद बीजेपी से छिनकर प्रशांत किशोर के कब्जे में आ गई है.
बांकीपुर उपचुनाव में जनसुराज के प्रशांत किशोर ने शानदार जीत हासिल की है. उन्होंने बीजेपी के नीरज सिन्हा को बड़े अंतर से हराया है. प्रशांत किशोर ने नीरज को 18 हजार से ज्यादा वोटों हराया है. प्रशांत किशोर को 63203 वोट मिले, जबकि नीरज सिन्हा को 44250 वोट मिले. वहीं आरजेडी प्रत्याशी रेखा कुमारी को 14085 वोट मिले.
इस जीत के साथ ही ये सीट 3 दशक के बाद बीजेपी का हाथ से निकल गया है. साल 2025 में विधानसभा के दौरान इस सीट पर बीजेपी के मौजूदा अध्यक्ष नितिन नवीन ने जीत हासिल की थी. वह 51,936 वोटों से जीते थे. उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल की उम्मीदवार रेखा कुमारी को हराया था.
जीत पर क्या बोले प्रशांत किशोर?
जीत को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा, "जनता की क्या राय है और उसकी क्या प्राथमिकता यह बताने की कोशिश जनता ने की है."
प्रशांत किशोर ने कहा कि सम्राट चौधरी का बैकग्राउंड आपराधिक है और उन्हें मुख्यमंत्री जैसे पद पर नहीं रहना चाहिए. प्रशांत किशोर ने कहा कि हमारी यह मांग रहेगी कि बिहार का ऐसा विकास हो कि यहां से पलायन बंद हो जाए.मैं भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से अपील करता हूं कि किसी बढ़िया नेता को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया जाए.
Patna, Bihar: On Bankipur By election, Jan Suraaj Party founder and candidate Prashant Kishor says, "I am grateful to the people. In a democracy, there are victories and defeats. I sincerely thank everyone who placed their trust and faith in Jan Suraaj and in me. I also want to… pic.twitter.com/Yqj0eqbvZ3
— IANS (@ians_india) August 3, 2026
तीन दशक तक बांकीपुर रहा नितिन नवीन परिवार का अभेद्य किला, अब प्रशांत ने लगाई सेंध
ये सीट बीते तीन दशक से बीजेपी के पाले में रहा है. लेकिन प्रशांत किशोर ने इसमें अब सेंध लगा दी है. अकेले नितिन नवीन इस सीट से चार बार चुनाव जीत चुके हैं. साल 2020 के चुनाव में भी बीजेपी की ओर से नितिन नवीन ही इस सीट से जीते थे. उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार और शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा को 39 हजार वोटों से हराया था.
साल 1995 से इस सीट पर बीजेपी चुनावी फतह हासिल करती रही है. तब ये सीट पटना पश्चिम कहलाती थी. साल 2008 में परिसीमन के बाद ये सीट बांकीपुर कही जाने लगी.
साल 2005 चुनाव जीतने के बाद नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा का निधन हो गया. इसके बाद नितिन नवीन ने साल 2006 में इसी सीट पर उपचुनाव जीता था और राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी. अप्रैल 2006 में हुए इस उपचुनाव में नितिन को कुल वोटिंग का 80 फीसदी से ज्यादा वोट मिला था.
पटना जिले में कुल 14 विधानसभा हैं. इसमें बांकीपुर सबसे अहम विधानसभा सीट माना जाता है. बांकीपुर के तहत राजेन्द्र नगर, मीठापुर, गर्दनीबाग, सचिवालय, कदमकुआं, बोरिंग रोड, गांधी मैदान सहित कई अहम इलाके आते हैं. ये इलाका कायस्थ बहुल माना जाता है.
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