राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी है. विभागीय मामलों की समीक्षा के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने शुक्रवार को 10 और अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई, आरोप तय करने और विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही को मंजूरी दी. जायसवाल ने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
इन अधिकारियों पर रिश्वत लेने, दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन में अनियमितता, सरकारी जमीन से जुड़े मामलों में गड़बड़ी और कर्तव्यहीनता के आरोप हैं. विभाग ने पिछले एक महीने में 60 भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है.
अभिलाषा सिन्हा पर 15 लाख रुपए लेने का आरोप
आज जिन मामलों में कार्रवाई की गई है. उनमें सबसे चर्चित मामला पटना सिटी की भूमि सुधार उप समाहर्ता (Deputy Collector, Land Reforms) अभिलाषा सिन्हा का है. उन पर दाखिल-खारिज अपील वाद के निष्पादन के लिए 15 लाख रुपए लेने का आरोप है. यह रकम बिचौलिए के माध्यम से ली गई थी. अब उनके खिलाफ आरोप पत्र गठित करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग को निलंबन की अनुशंसा की गई है.
हाजीपुर और औरंगाबाद के अधिकारी भी नपे
इसी प्रकार हाजीपुर के तत्कालीन अंचल अधिकारी मुकुल कुमार झा के विरुद्ध निगरानी थाना में दर्ज भ्रष्टाचार संबंधी कांड के आधार पर आरोप पत्र गठित किया गया है. औरंगाबाद के सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी नीलकमल कुमार सिन्हा पर मुख्यालय के एक पदाधिकारी को ऑनलाइन माध्यम से रिश्वत देने का प्रयास करने के आरोप में अनुशासनिक कार्यवाही करने का फैसला लिया गया है.
सीतामढ़ी के रून्नीसैदपुर के राजस्व अधिकारी विश्वामित्र खरवार पर बिना साक्ष्य के एप्लिकेशन रिजेक्ट करने, अमीन के माध्यम से पांच हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में आरोप पत्र गठित किया गया है. किशनगंज सदर के अंचल अधिकारी राहुल कुमार पर दाखिल-खारिज मामलों को गलत तरीके से रिजेक्ट करने और भू-अभिलेखों की जांच किए बिना सरकारी भूमि को रैयती घोषित करने के आरोप पाए गए हैं. उनके विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है.
दाखिल-खारिज मामलों में बेवजह आपत्तियां लगाने के आरोप
पटना के संपतचक अंचल अधिकारी अमित कुमार पर दाखिल-खारिज मामलों में बेवजह आपत्तियां लगाने, जमीन मापी के लिए लोगों को बेवजह कार्यालय बुलाने और परिमार्जन आवेदनों के निष्पादन में देरी करने के आरोप में आरोप पत्र गठित किया गया है. मुजफ्फरपुर के कुढ़नी के तत्कालीन राजस्व अधिकारी धीरज कुमार के खिलाफ विभागीय कार्यों में रुचि नहीं लेने, हेडक्वार्टर से एब्सेंट रहने, दाखिल-खारिज मामलों में अनियमितता बरतने के आरोप में विभागीय आरोप पत्र स्वीकृत किया गया है.
बांका के पदाधिकारी के खिलाफ कार्यवाही
बांका में पदस्थापित अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी रंजीत कुमार के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही की जा रही है. उनपर सहरसा में पदस्थापना के दौरान अतिक्रमण के मामलों में नियमों के अनुरूप आदेश नहीं देने और गलत तथ्यों के आधार पर वरीय अधिकारियों को गुमराह करने के आरोप हैं. दाखिल-खारिज मामलों में अनियमितता के आरोप में समस्तीपुर की अंचल अधिकारी पुष्पलता कुमारी पर वेतन वृद्धि रोकने का फैसला किया गया है.
पश्चिम चंपारण के अधिकारी भी नपे
वहीं पश्चिम चंपारण के बगहा-1 की अंचल अधिकारी नर्मदा श्रीवास्तव पर दाखिल-खारिज मामलों को लंबित रखने, सरकारी राजस्व को क्षति पहुंचाने तथा न्यायालय के आदेशों का अनुपालन नहीं करने सहित कई गंभीर आरोपों में आरोप पत्र गठित किया गया है.
बिहार में 30 दिन में 60 भ्रष्ट अधिकारी पर एक्शन
समीक्षा के दौरान मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि जनता के हितों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध सेवा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को अपने पद का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. इससे पहले विभाग ने 12 जून को आठ अंचल अधिकारियों एवं राजस्व कर्मियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई और विभागीय कार्यवाही को स्वीकृति प्रदान की थी। पिछले एक माह के दौरान विभाग में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, अनियमितता और प्रशासनिक लापरवाही के विभिन्न मामलों में कुल 60 अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.
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