नई दिल्ली:
मध्य प्रदेश के सिंगरुली से बीजेपी विधायक राजेन्द्र कुमार मेश्राम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने राजेन्द्र कुमार की उस अर्जी पर सुनवाई से इनकार कर दिया जिसमें उन्होंने ने मांग की थी कि 11 जून को राज्यसभा के लिए होने वाली वोटिंग में उनको हिस्सा लेने दिया जाए।
11 जून को राज्यसभा के लिए वोटिंग होनी है
गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता बीजेपी विधायक राजेन्द्र कुमार की तरफ से दलील दी गई कि 11 जून को राज्यसभा के लिए वोटिंग होनी है ऐसे में उनकी याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई की जाए। उन्होंने अपनी दलील में कहा कि वो विधायक हैं और ये उनका हक़ है कि वो राज्यसभा के लिए वोटिंग करें। इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सदन की कार्रवाई में भाग लेने की इजाज़त दी है और विधायक निधि फंड के इस्तेमाल की भी। ऐसे में उनकी याचिका पर जल्द सुनवाई की जाये।
शनिवार को वोटिंग है और इसलिए सुनवाई की जाए
जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले की सुनवाई दूसरी बेंच कर रही है ऐसे में हम इस याचिका पर सुनवाई नहीं कर सकते। ऐसा कहीं से भी सही नहीं होगा। जिसपर राजेन्द्र कुमार की तरफ से कहा गया कि शनिवार को वोटिंग है और आज गुरुवार है। ऐसे में उनकी याचिका पर सुनवाई की जाये।
चुनाव आयोग ने 6 जून को एक सूची जारी की
जिसपर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा की आपको क्या बात पहले नहीं पता थी कि आपको राज्यसभा के लिए वोटिंग करनी है। जब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल आदेश दिए थे तभी आपको अपनी ये बात रखनी चाहिए थी। जिसके जवाब में राजेन्द्र कुमार ने अपनी दलील में कहा कि चुनाव आयोग ने 6 जून को एक सूची जारी की जिसमें कहा गया है कि आप वोटिंग नहीं कर सकते। इसलिए हमारी याचिका पर सुनवाई की जाए। लेकिन कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया।
नामांकन के साथ अपने मूल निवास की सर्टिफाइड कॉपी नहीं दी थी
दरअसल नामांकन के दौरान राजेन्द्र कुमार ने नामांकन के साथ अपने मूल निवास की सर्टिफाइड कॉपी नहीं दी थी। जिसके आधार पर हाई कोर्ट ने उनके नामांकन को ही रद्द कर दिया था। जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने राजेन्द्र कुमार को राहत देते हुए कहा कि वो विधानसभा की कार्रवाई और विधायक निधि फंड का इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन किसी भी वोटिंग में हिस्सा नहीं लेंगे।
11 जून को राज्यसभा के लिए वोटिंग होनी है
गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता बीजेपी विधायक राजेन्द्र कुमार की तरफ से दलील दी गई कि 11 जून को राज्यसभा के लिए वोटिंग होनी है ऐसे में उनकी याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई की जाए। उन्होंने अपनी दलील में कहा कि वो विधायक हैं और ये उनका हक़ है कि वो राज्यसभा के लिए वोटिंग करें। इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सदन की कार्रवाई में भाग लेने की इजाज़त दी है और विधायक निधि फंड के इस्तेमाल की भी। ऐसे में उनकी याचिका पर जल्द सुनवाई की जाये।
शनिवार को वोटिंग है और इसलिए सुनवाई की जाए
जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले की सुनवाई दूसरी बेंच कर रही है ऐसे में हम इस याचिका पर सुनवाई नहीं कर सकते। ऐसा कहीं से भी सही नहीं होगा। जिसपर राजेन्द्र कुमार की तरफ से कहा गया कि शनिवार को वोटिंग है और आज गुरुवार है। ऐसे में उनकी याचिका पर सुनवाई की जाये।
चुनाव आयोग ने 6 जून को एक सूची जारी की
जिसपर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा की आपको क्या बात पहले नहीं पता थी कि आपको राज्यसभा के लिए वोटिंग करनी है। जब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल आदेश दिए थे तभी आपको अपनी ये बात रखनी चाहिए थी। जिसके जवाब में राजेन्द्र कुमार ने अपनी दलील में कहा कि चुनाव आयोग ने 6 जून को एक सूची जारी की जिसमें कहा गया है कि आप वोटिंग नहीं कर सकते। इसलिए हमारी याचिका पर सुनवाई की जाए। लेकिन कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया।
नामांकन के साथ अपने मूल निवास की सर्टिफाइड कॉपी नहीं दी थी
दरअसल नामांकन के दौरान राजेन्द्र कुमार ने नामांकन के साथ अपने मूल निवास की सर्टिफाइड कॉपी नहीं दी थी। जिसके आधार पर हाई कोर्ट ने उनके नामांकन को ही रद्द कर दिया था। जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने राजेन्द्र कुमार को राहत देते हुए कहा कि वो विधानसभा की कार्रवाई और विधायक निधि फंड का इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन किसी भी वोटिंग में हिस्सा नहीं लेंगे।
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