स्वीडन की पॉपुलर कार कंपनी Volvo Cars ने अपनी फ्लैगशिप इलेक्ट्रिक SUV EX30 की 40,000 से ज्यादा गाड़ियों को वापस बुलाने का फैसला किया है. कंपनी ने बताया कि इन गाड़ियों में लगी हाई-वोल्टेज बैटरी में ओवरहीटिंग का खतरा है, जिससे आग लगने की संभावना हो सकती है. बता दें, EX30 सिंगल-मोटर एक्सटेंडेड रेंज और ट्विन-मोटर परफॉर्मेंस मॉडल शामिल हैं. ये कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक SUV वोल्वो की पॉपुलर कारों में से एक है.

70 प्रतिशत से ज्यादा चार्ज न करें
वोल्वो की EX30 में लगी बैटरियां एक जॉइंट वेंचर कंपनी Shandong Geely Sunwoda Power Battery Co. द्वारा बनाई गई थीं. वोल्वो ने साफ किया है कि वह प्रभावित बैटरी मॉड्यूल को फ्री में बदलेगी. साथ ही, ग्राहकों से अपील की गई है कि जब तक बैटरी बदली नहीं जाती, वे अपनी गाड़ी को 70 प्रतिशत से ज्यादा चार्ज न करें ताकि आग के खतरे को कम किया जा सके.
इससे पिछले कुछ महीनों से अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्राजील समेत कई देशों में EX30 मालिकों को सलाह दी गई थी कि वे अपनी कारों को इमारतों से दूर पार्क करें और 70 प्रतिशत से ज्यादा चार्जिंग न करें.
बता दें, पहले भी ऑटो इंडस्ट्री में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं. वर्ष 2020 में General Motors को अपनी 1,40,000 Chevy Bolt कारों को वापस बुलाना पड़ा था, क्योंकि उनमें लगी बैटरियों में आग लगने का खतरा पाया गया था. उन बैटरियों की सप्लाई LG Electronics ने की थी और इस समस्या को ठीक करने में करीब 2 अरब डॉलर का खर्च आया था.

ब्रांड छवि पर असर
एक्सपर्ट का मानना है कि EX30 वोल्वो के लिए बेहद महत्वपूर्ण मॉडल है. कंपनी को इस समस्या को सही तरीके से और जल्दी सुलझाना होगा, क्योंकि वोल्वो की पहचान उसकी सुरक्षा से जुड़ी है. एक अनुमान के अनुसार, नई बैटरियों की कीमत ही लगभग 195 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है, जिसमें लॉजिस्टिक्स और मरम्मत का खर्च शामिल नहीं है. हालांकि वोल्वो ने इन आंकड़ों के बारे में साफ नहीं बताया है.
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