विज्ञापन

Tesla और BYD पर भारी पड़ीं देसी कंपनियां, Tata और Mahindra के हाथ लगी बड़ी उपलब्धि, सुनकर होगा गर्व

ICCT Global Automaker Ratings 2025 में Tata Motors और Mahindra दुनिया की सबसे ज्यादा एनर्जी एफिशियंट इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरर बनी हैं. जानिए कैसे Tesla और BYD को पीछे छोड़ा.

Tesla और BYD पर भारी पड़ीं देसी कंपनियां, Tata और Mahindra के हाथ लगी बड़ी उपलब्धि, सुनकर होगा गर्व

भारत की इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है. इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (ICCT) की ग्लोबल ऑटोमेकर रेटिंग 2025 रिपोर्ट में Tata Motors और Mahindra को दुनिया के सबसे ज्यादा एनर्जी एफिशिएंट इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरर का दर्जा मिला है. दोनों भारतीय कंपनियों ने इस मामले में Tesla और BYD जैसी दिग्गज कंपनियों को भी पीछे छोड़ दिया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, Tata और Mahindra की इलेक्ट्रिक कारें समान दूरी तय करने के लिए अपने ग्लोबल कंपीटिटर की तुलना में कम बिजली की खपत करती हैं. ये उपलब्धि भारत के EV सेक्टर के लिए अहम मानी जा रही है और इससे दोनों कंपनियों की ग्लोबल पहचान और मजबूत हो सकती है.

Tata Motors बनी नंबर-1, Mahindra दूसरे स्थान पर

ICCT ने अपनी 2025 ग्लोबल ऑटोमेकर रेटिंग में दुनिया की 22 बड़ी ऑटो कंपनियों का मूल्यांकन किया. इस रिपोर्ट में EV बिक्री, मैन्युफैक्चरिंग डिकार्बोनाइजेशन, फीचर रेडीनेस और बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल (BEV) एफिशिएंसी जैसे कई स्टैर्डंर्स को शामिल किया गया. एनर्जी एफिशियंसी के मामले में Tata Motors पहले स्थान पर रही. रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी की औसत एनर्जी खपत 106 Wh/km रही, जो सभी कंपनियों में सबसे कम है. वहीं Mahindra 113 Wh/km के साथ दूसरे स्थान पर रही.

दोनों भारतीय कंपनियों का प्रदर्शन ग्लोबली औसत 131 Wh/km से काफी बेहतर रहा. इसका मतलब है कि इनकी इलेक्ट्रिक कारें कम बिजली खर्च करके ज्यादा दूरी तय कर सकती हैं, जिससे ग्राहकों का रनिंग कॉस्ट भी कम होता है.

Tesla और BYD से आगे निकलीं भारतीय कंपनियां

रिपोर्ट के अनुसार, Tata Motors और Mahindra ने बड़े और भारी इलेक्ट्रिक SUV या हाई-परफॉर्मेंस मॉडल की बजाय हल्के और ज्यादा प्रैक्टिकल क्रॉसओवर व्हीकल पर ध्यान दिया है. यही वजह है कि इनकी इलेक्ट्रिक कारें कम एनर्जी की खपत करती हैं. रिपोर्ट में Tata Sierra EV और Mahindra BE 6 जैसे मॉडलों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि इन्हें अधिक परफॉर्मेंस की बजाय बेहतर एफिशिएंसी और रोजमर्रा के इस्तेमाल को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.

ICCT ने सभी कंपनियों के आधिकारिक टेस्ट डेटा को Wh/km में बदलकर पूरे बैटरी इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो का औसत निकाला. इस रैंकिंग में केवल ऊर्जा खपत को आधार बनाया गया है. इसमें चार्जिंग स्पीड, कीमत या एक्सेलेरेशन जैसे पैरामीटर शामिल नहीं हैं.

अभी भी सुधार की जरूरत

हालांकि एनर्जी एफिशियंसी में Tata Motors और Mahindra ने शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन रिपोर्ट में कुछ खामियों की ओर भी इशारा किया गया है. ICCT के अनुसार, Tata Motors अभी फास्ट चार्जिंग स्पीड के मामले में ग्लोबल कंपनियों से पीछे है. इसके अलावा ड्राइविंग रेंज के मामले में भी कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं.

यानी Tata की इलेक्ट्रिक कारें कम बिजली खर्च करती हैं, लेकिन लंबी दूरी और फास्ट चार्जिंग के मामले में अभी सुधार की जरूरत है.
फिलहाल भारत में नई पैसेंजर कारों की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 5% से भी कम है, जबकि ग्लोबल स्तर पर यह आंकड़ा करीब 25% तक पहुंच चुका है.

ये भी पढ़ें: Volkswagen Virtus की स्पेशल एडिशन भारत में लॉन्च, केवल 150 लोग ही खरीद पाएंगे, जानें कीमत

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
ICCT, Automaker, Tata Motors, Mahindra, EV
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com