हाल ही में देश में E20 पेट्रोल (20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल) को लेकर काफी हंगामा देखने को मिला था. संसद से लेकर सोशल मीडिया तक पर इसका विरोध देखने को मिला. सोशल मीडिया पर ऐसे अनगिनत वीडियोज की बाढ़ आ गई जिनमें दावा किया गया था कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों के इंजन खराब हो रहे हैं.
हालांकि, अब ये मामला थोड़ा शांत लग रहा है. इसी बीच, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बार फिर मंच से इथेनॉल फ्यूल की वकालत की है. दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने इन सभी अफवाहों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "दुनिया भर के 19 देशों में इथेनॉल का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है. आज की तारीख में भारतीय गाड़ियों के इंजन खराब होने की एक भी सही शिकायत सामने नहीं आई है. उन्होंने आगे दावा किया कि ये सब केवल पेट्रोल लॉबी और उनके खिलाफ सोशल मीडिया कैंपेन कर चला कर दुष्प्रचार किया जा रहा है.
Toyota की नई 100% Ethanol-पावर्ड Innova
नितिन गडकरी ने कार्यक्रम में घोषणा की कि अक्टूबर में Toyota कंपनी को भारत में अपनी सबसे पॉपुलर कार Innova के 100% Flex-Fuel वेरिएंट को लॉन्च करने के लिए आमंत्रित किया गया है. ये कार 100% शुद्ध इथेनॉल (E100) पर चलने में पूरी तरह सक्षम होगी. सड़क पर चलते समय ये कार खुद-ब-खुद 60% बिजली भी जनरेट करेगी.
उन्होंने कहा कि पेट्रोल की अत्यधिक महंगी कीमतों की तुलना में, इथेनॉल का उपयोग ग्राहकों को मात्र 25 रुपये प्रति लीटर के बराबर पड़ेगा और इससे हवा में जीरो प्रदूषण फैलेगा. उन्होंने अपनी नीति का कड़ा समर्थन करते हुए कहा, "मक्का और गन्ने से इथेनॉल बनाने के सरकार के फैसले से उत्तर प्रदेश और बिहार के गरीब किसानों को सीधे 45,000 करोड़ की भारी आय प्राप्त हुई है.
उन्होंने आगे कहा कि सरकार के पास बेहतरीन नीतियां हैं और हमें उन नीतियों का समर्थन करना होगा. जिन लोगों का 22 लाख करोड़ का तेल आयात का बिजनेस प्रभावित होगा, वे नितिन गडकरी को कोसेंगे ही. उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि उनका लक्ष्य देश के किसानों का भला करना है.
10 करोड़ रोजगार का लक्ष्य
देश भर के शहरों में कम दूरी के सफर के लिए बाइक टैक्सी सर्विस बेहद तेजी से लोकप्रिय और बजट-फ्रेंडली साबित हो रही हैं. युवाओं को रोजगार देने के लिए नितिन गडकरी ने इस दिशा में भी एक बड़ा कदम उठाया है. गडकरी ने सभी राज्यों के परिवहन मंत्रियों से अपील की है कि वे गरीब ग्रामीण युवाओं और दोपहिया वाहन चालकों को रोजगार देने के लिए बाइक टैक्सी को एक कानूनी और सुरक्षित प्लेटफॉर्म दें.
उन्होंने बताया कि ये डिजिटल प्लेटफॉर्म्स बहुत ही मामूली मासिक शुल्क (करीब 25 रुपये प्रति महीना) लेकर युवाओं को टैक्सी सर्विस देने की अनुमति देते हैं. इस मॉडल के जरिए भारत में बिना किसी नए निवेश के 10 करोड़ लोगों को सीधे रोजगार मिल सकता है. उन्होंने अपनी फाइल पर हस्ताक्षर करने के अनुभव को याद करते हुए बताया कि यदि किसी के पास अपना दोपहिया या चौपहिया वाहन है, तो वह अब कानूनी रूप से टैक्सी चला सकता है. उनके इसी एक फैसले के बाद बेंगलुरु की स्टार्टअप कंपनी Rapido ने देश के 3.5 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार दिया है.
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