अगर आप भी एक नया EV खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपके दिमाग में सबसे पहला सवाल गाड़ी की बैटरी रेंज, चार्जिंग टाइम और उसकी कीमत का आता होगा. सालों से हर ग्राहक यही करता आ रहा है. लेकिन अब ऑटोमोबाइल मार्केट का खेल पूरी तरह बदल चुका है. अब समझदार ग्राहक रेंज के साथ-साथ यह भी पूछ रहे हैं कि क्या गाड़ी में वॉइस कमांड है? क्या इसका सॉफ्टवेयर रूट के हिसाब से बैटरी बैकअप का अंदाजा लगा सकता है? कंपनियां अब सिर्फ हार्डवेयर पर नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर पर सबसे ज्यादा ध्यान दे रही हैं. आइए जानते हैं कि नई EV लेते समय आपको किन खास फीचर्स को जरूर चेक करना चाहिए.
1. EV का सॉफ्टवेयर
EV में डिजिटल डैशबोर्ड, वॉइस कंट्रोल, जीपीएस ट्रैकिंग, रिमोट डायग्नोस्टिक्स और बैटरी हेल्थ मॉनिटरिंग जैसी चीजें अब प्रीमियम लग्जरी नहीं, बल्कि ग्राहकों की आम जरूरत बन चुकी हैं. इसीलिए इसका भी खास ध्यान दें.
2. स्मार्ट फीचर्स
वॉइस कमांड, ऐप कनेक्टिविटी और प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस अलर्ट की मदद से फ्लीट ऑपरेटर्स अपनी गाड़ियों को खराब होने से पहले ही ठीक कर लेते हैं, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बचता है. इसलिए अब कंपनियां 'मॉड्यूलर' सोल्यूशन्स पर काम कर रही हैं ताकि ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से फीचर्स चुन सकें और उन पर एक्स्ट्रा बजट का बोझ न पड़े.
3. मोटर कंट्रोल सॉफ्टवेयर
ज्यादातर लोग सोचते हैं कि स्मार्टफोन ऐप या बड़ी टचस्क्रीन ही ईवी की एडवांस तकनीक है, लेकिन असल इंजीनियरिंग डैशबोर्ड के नीचे होती है. स्क्रीन पर दिखता है वह तकनीक का सिर्फ 10 प्रतिशत हिस्सा है, बाकी 90 प्रतिशत खेल 'पॉवरट्रेन' यानी मोटर कंट्रोल सॉफ्टवेयर में होता है. सॉफ्टवेयर को इस तरह प्रोग्राम किया जा सकता है कि एक ही मोटर अलग-अलग रास्तों पर अलग व्यवहार करे- जैसे शहर में स्मूथ ड्राइविंग, चढ़ाई पर भारी लोड के लिए ज्यादा टॉर्क या खाली रास्ते पर तेज रफ्तार.
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4. हर राइडर के लिए अलग सेटिंग
Hala Mobility ने करीब 13,000 से ज्यादा EV के डेटा का एनालिसिस करके बताया कि कोई भी दो ईवी यूजर एक जैसे नहीं होते. शहर के ट्रैफिक, मौसम, वजन और काम के घंटों के हिसाब से हर गाड़ी का बैटरी कंजम्पशन अलग होता है. इसलिए अब ऐसी गाड़ियां जरूरी हो गई हैं जो रूट के हिसाब से सही रेंज की भविष्यवाणी कर सकें और पास के बैटरी-स्वैपिंग स्टेशन की सटीक जानकारी दे सकें.
5. भरोसा और ब्रांड वैल्यू भी है जरूरी
बाजार के मैच्योर होने के साथ ही ग्राहक अब सिर्फ चमक-दमक वाले फीचर्स नहीं देख रहे हैं, बल्कि वे कंपनी के सर्विस सपोर्ट और लॉन्ग-टर्म रिटर्न पर भी भरोसा कर रहे हैं. इसलिए अगली बार जब आप ईवी खरीदने जाएं, तो सिर्फ बैटरी रेंज न देखें, बल्कि यह भी देखें कि वह गाड़ी आपके काम और रास्तों को समझने में कितनी इंटेलिजेंट है.
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