- 14 दिसंबर 2020 को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण है
- ग्रहण से जुड़े कई मिथक और लेजन्ड हैं.
- कुछ लोग ग्रहन के दौरान खाना खाने से परहेज करते हैं.
Solar Eclipse 2020: चंद्रग्रहण अक्सर सूर्य ग्रहण के बाद होता है. 30 नवंबर को होने वाले पेनुमब्रल चंद्र ग्रहण के बाद, 14 दिसंबर 2020 को साल का लास्ट सूर्य ग्रहण है. जिसकी की वजह से स्काईगेज़र्स को फिर से खुश होने का एक और कारण है. सूर्य ग्रहण तब होता है जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक रेखा में होते हैं, ठीक क्रम की तरह. जब ऐसा होता है, तो चंद्रमा सूर्य के प्रकाश के एक हिस्से को पृथ्वी तक पहुंचने से रोकता है. भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा. अगर मौसम साफ रहता है तो अर्जेंटीना और चिली के कुछ हिस्सों में ग्रहण देखने को मिलेगा. दक्षिणी, दक्षिण अमेरिका, दक्षिण-पश्चिम अफ्रीका और अंटार्कटिका के कुछ स्थान में भी इसे देखा जा सकता है.
भारत में सूर्य ग्रहण 2020 का समयः
सूर्य ग्रहण की शुरूआत शाम 07:03 बजे होगी, उसके बाद शाम 8:02 बजे से शुरू होकर 12:23 बजे समाप्त होगा. सूर्य ग्रहण 9:43 बजे अपने पूर्ण रूप में होगा. ये timeanddate.com के अनुसार है
-
EU-इंडिया ट्रेड डील ट्रैक पर, साल के अंत तक मुहर मुमकिन-NDTV WORLD Summit में बोले EU राजदूत -
NDTV WORLD SUMMIT : जर्मनी, इटली और यूरोपीय यूनियन के राजदूत ने क्या कुछ कहा -
AI से नहीं खत्म होंगी नौकरियां! टेक दिग्गज Andrew Ng ने बताया क्यों बेवजह है ‘Job Apocalypse’ का डर -
राज्यों के CM के बीच हो CEO जैसी रेस... निखिल कामत ने देश की तरक्की के लिए बताया नया फॉर्मूला -
NDTV वर्ल्ड समिट 2026: अप्रेजल और शादी के जिक्र पर क्या बोले निखिल कामत? -
AI नहीं खा सकता आपकी नौकरी, बस करना होगा ये काम, टेक दिग्गज Andrew Ng ने किया दावा -
NDTV World Summit 2026: भारत की Growth Story पर निखिल कामत का नजरिया, AI को लेकर क्या दी चेतावनी? -
NDTV World Summit 2026:निखिल कामत ने देश की तरक्की के लिए बताया फॉर्मूला, राज्यों के CM के बीच हो CEO जैसी रेस -
कार की सर्विस समय पर कराते हैं, शरीर की क्यों नहीं? लीलावती अस्पताल के ट्रस्टी की काम की सलाह -
क्या AI इस जमाने का असुर है? न्यू यॉर्क वेदांत सोसाइटी के रेजिडेंट मिनिस्टर स्वामी सर्वप्रियानंद ने दिया जवाब
सूर्य ग्रहण में खाने से जुड़े मिथक, आखिर क्यों लोग खाने से बचते हैंः
ग्रहण से जुड़े कई मिथक और लेजन्ड हैं. बहुत पहले, जब विज्ञान ने इतनी प्रगति नहीं की थी. सूर्य और चंद्रमा जैसे खगोलीय पिंड अत्यधिक पूजनीय थे, ग्रहण जैसे उदाहरणों को एक अपभ्रंश के रूप में देखा जाता था. कई लोगों ने इस अवधि को अशुभ मानते थे, और ग्रहन के दौरान खाना खाने से परहेज करते थे. भारत में, बहुत से लोग अभी भी ग्रहण के बाद चारों ओर पड़े हुए भोजन को त्याग देते हैं, या भोजन के ऊपर तुलसी का पत्ता रखते हैं. जिसे त्याग नहीं किया जाता, ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान भी करते हैं और फिर भोजन ग्रहण करते हैं.
Street Food: स्ट्रीट फूड्स खाने के हैं शौकिन, तो ट्राई करें ये टेस्टी वेज मोमो रेसिपी

ग्रहण से जुड़े कई मिथक और लेजन्ड हैं कई लोगों ने इस अवधि को अशुभ मानते हैं.Photo Credit: iStock
कई वैज्ञानिकों ने इन धारणाओं को खारिज करते हुए कहा है, कि ये खगोलीय पिंड लगातार गतिशील हैं, इसलिए उपवास करने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि फूड्स के लिए कोई खतरा नहीं है. हालांकि, ग्रहण को नग्न आंखों से देखने की सलाह नहीं दी जाती है. यदि आप ग्रहण के दौरान असहज या चिंतित महसूस कर रहे हैं, तो योग विशेषज्ञों के अनुसार ध्यान लगाना एक अच्छा विचार हो सकता है.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
फूड की और खबरों के लिए जुड़े रहें.
स्वाद और सेहत का खजाना है किशमिश, जानें इसके आश्चर्यचकित करने वाले फायदे और नुकसान!
Winter Breakfast Diet: सर्दियों में खाली पेट इन 5 फूड्स का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए है लाभदायक!
क्या आपको भी बटर चिकन खाना पसंद, तो जरूर ट्राई करें चिकन की ये यूनिक रेसिपी
Viral: क्या है दादी के नूडल सूप की सच्चाई, जानें वायरल ट्वीट
Experts Reveal: ड्रिंक पर लगे स्वास्थ्य चेतावनी लेबल, सोड़ा,कोला के सेवन में कमी ला सकते हैं
Watch: सर्दियों के मौसम में खुद को रखना है गर्म, तो ट्राई करें लहसुन, अदरक अचार रेसिपी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं