कोरोनावायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) की वजह से संयुक्त राज्य अमेरिका (America) ने हाल ही में विदेशी छात्रों अपने देश जाने के लिए कहा है. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि देश में कोरोना के केस काफी बढ रहे हैं और इस दौरान सभी क्लासेस ऑनलाइन कर दी गई है. लेखक और पत्रकार ब्रैंडन स्टैंटन ने यूएसए में रह रहे इंडियन स्टूडेंट का इंटरव्यू लिया. हाल ही में फेसबुक पेज 'ह्यूमन ऑफ न्यूयॉर्क' ने एक लड़की का इंटरव्यू शेयर किया है. जो इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. इस लड़की ने अपने खास इंटरव्यू में बताया कि जब वह 2 साल की थी तब वह अपनी फैमिली के साथ अमेरिका आई थी. वह गुजारे दिनों को याद करते हुए बताती हैं कि इस देश में रहना ही मेरी जिंदगी का सबसे बेहतर समय है. कॉलेज और स्कूल में कई तरह के एक्टिविटी करवाई जाती हैं, जिससे बच्चे की एजुकेशन काफी अच्छी होती है. साथ ही उन्होंने बताया कि H4 वीजा स्थिती की चयन प्रक्रिया पहले से काफी टफ हो गया है. मैं सिर्फ 2 साल की थी जब मैं अमेरिका आई थी. मुझे हमेशा एक अमेरिकन वाली फिलिंग्स आती है. आपको बता दें कि इस पूरी स्टोरी में हम आपको लड़की का नाम नहीं बता सकते हैं.
'अमेरिकन ड्रीम' के मुताबिक लड़की बताती हैं कि मुझे मेरे माता-पिता ने साफ कहा कि इस देश में आपका जो मन है वह आप कर सकती हैं. वहीं मैं रोलर स्केटिंग में नेशनल चैंपियन रही और उसके साथ-साथ 14 प्राइज मुझे मिल चुके हैं. वहीं लड़की बताती हैं कि चौथी क्लास में रहने के बावजूद उन्होंने कई प्राइज जीते.
मैं कॉलेज में पढ़ने को लेकर काफी एक्साइटेड थी. साथ ही मैंने कई अमेरिकन कॉलेज में अप्लाई किया था. वहीं जब मैंने अपनी मां को कॉलेज फॉर्म दिखाया तो उन्होंने कहा तुम एक अंतरराष्ट्रीय छात्रा हो, इसलिए तुम्हें किस कॉलेज में पढ़ना है वह स्पेसिफाई करो. साथ ही मेरी मां ने बताया कि क्योंकि हम इंडिया से अमेरिका H4 VISA से आए हैं. इसलिए यहां के कॉलेज में एडमिशन और सेलेक्शन काफी अलग हैं. H-4 वीजा, अमेरिका द्वारा H-1B वीजा धारकों के परिवार के सदस्यों (पति / पत्नी और 21 वर्ष से कम उम्र के बच्चों) को जारी किया जाने वाला वीजा है.
-
NDTV World Summit 2026: पाकिस्तान और आतंकवाद के सवाल पर क्या बोले एस. जयशंकर? -
भारत और फ्रांस में प्रदर्शनों पर UN का दोहरा रवैया, आंदोलनों के पीछे अक्सर बाहरी ताकतें- एस जयशंकर -
S Jaishankar EXCLUSIVE | NDTV World Summit 2026: 26/11 के जिक्र पर अमेरिका को जयशंकर का जबरदस्त जवाब -
'लोग ट्रैवल करते रहेंगे, दुनिया घूमना मुश्किल नहीं' - NDTV World Summit 2026 में बोले जुबिन करकारिया -
NDTV वर्ल्ड समिट 2026 | Marco Rubio से मुंबई में मुलाकात पर घिरे S Jaishankar, विपक्ष को दिया जवाब -
S Jaishankar EXCLUSIVE | NDTV World Summit 2026: Semiconductor Mission पर एस जयशंकर क्या कुछ बोले? -
एलन मस्क की उड़ने वाली गाड़ी नहीं, इस कार को पसंद करते हैं रेमंड चीफ गौतम सिंघानिया, खुद बताया कारण -
कंपनी को बचाने में खो दिया परिवार का बड़ा हिस्सा, रेमंड ग्रुप के चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने बयां किया दर्द -
'2022 के संकट में भारत हमारे साथ खड़ा रहा'- NDTV World Summit में बोले श्रीलंका के मंत्री चतुरंगा अबेसिंघे -
विदेश में 2-3 दिन बाद क्यों याद आने लगता है घर का खाना? संयुक्ता नायर ने बताई दिलचस्प वजह
आगे लड़की बताती हैं कि मैं इस बात से काफी दुखी थी कि मेरा भाई का जन्म अमेरिका में हुआ है. क्योंकि मेरे भाई का जन्म अमेरिका में हुआ था तो उसे अमेरिकी नागरिकता मिल गई है. मैं उस दिन पूरे रात रोती रही. साथ ही मैं अपने माता - पिता पर काफी गुस्सा थी कि उन्होंने पहले मुझे यह बात क्यों नहीं बताया.
मैं आगे बताना चाहती हूं कि मैं अमेरिका में रहकर जो कोर्स करना चाहती थी वह मैं अपने वीजा की वजह से नहीं कर पाई. मैंने अपने पसंदीदा स्कूल में एडमिशन तो ले लिया लेकिन मैं अपने पसंद की अच्छे कॉलेज से आर्ट्स कोर्स में आगे की पढ़ाई नहीं कर सकी.
अपने वीजा की स्थिती के कारण उसे आने वाली चुनौतियों के बारे में कहती है: "मुझे हर उस निर्णय के आधार पर निर्णय लेना होगा जो मुझे देश में रहने का सबसे अच्छा मौका देता है. यहां रहकर पढ़ाई करना एक खेल की तरह है. अगर मैं ठीक से खेलती हूं तो जीत जाउंगी वरना गेम से बाहर हो जाउंगी. यानी देश से बाहर.''
इस लड़की के इंटरव्यू को सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है. जिसके बाद से यह काफी वायरल हो रहा है. लोग इस इंटरव्यू पर तरह- तरह का कमेंट भी कर रहे हैं. लड़की के इंटरव्यू पर एक यूजर ने कमेंट करते हुए इंस्टाग्राम पर लिखा, संयुक्त राज्य अमेरिका में किसी भी प्रकार के वीज़ा पर रहना एक चैलेंज है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं