विज्ञापन

सीधे बुर्ज खलीफा को टक्कर देगा...कुतुब मीनार से 3 गुना ऊंचा वृंदावन का चंद्रोदय मंदिर

Vrindavan Chandrodaya Temple: कान्हा की नगरी वृंदावन में कुछ ऐसा बड़ा होने जा रहा है, जिसे देखकर दुनिया दांतों तले उंगली दबा लेगी. दुबई की बुर्ज खलीफा को टक्कर देने वाली नींव और कुतुब मीनार से तीन गुना ऊंचा चंद्रोदय मंदिर बनकर लगभग तैयार है.

सीधे बुर्ज खलीफा को टक्कर देगा...कुतुब मीनार से 3 गुना ऊंचा वृंदावन का चंद्रोदय मंदिर
कुतुब मीनार भी पड़ गया छोटा! वृंदावन में तैयार हुआ दुनिया का सबसे ऊंचा चंद्रोदय मंदिर
SOCIAL MEDIA

World's Tallest Temple: वृंदावन के छटीकरा रोड पर रौनक ऐसी है कि देखते ही बन रही है. खबर उड़ती उड़ती आई है कि अक्षय पात्र परिसर में बन रहा 'चंद्रोदय मंदिर' अब अपनी पूरी भव्यता के साथ दुनिया के सामने आने को बेताब है. इस्कॉन बेंगलुरु के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा होने में लगभग 12 साल का वक्त लगा है. 700 करोड़ की लागत से बने इस मंदिर का न्यौता दिल्ली दरबार यानी पीएमओ को भेज दिया गया है. अगर सब कुछ फिट बैठा, तो चर्चा है कि 25 से 30 मई के बीच यानि मई के अंत तक खुद पीएम मोदी इसका फीता काटने आ रहे हैं. क्या है इस 70 मंजिला अजूबे की खासियत?

बुर्ज खलीफा जैसी मजबूत है इसकी जड़ें (Chandrodaya Mandir Inauguration)

मंदिर की ऊंचाई 210 मीटर है, अब इतनी ऊंची इमारत को टिकाने के लिए जमीन में भी गहरा उतरना पड़ा है. आपको जानकर ताज्जुब होगा कि इसकी नींव 55 मीटर गहरी है, जो दुबई की मशहूर बुर्ज खलीफा से भी 5 मीटर ज्यादा है. मंदिर का बेस ही 12 मीटर ऊंचा रखा गया है, ताकि सदियों तक कान्हा का ये धाम अडिग खड़ा रहे. मंदिर के अंदर चैतन्य महाप्रभु और राधा-कृष्ण के दर्शन के लिए तीन अलग अलग तल बनाए गए हैं, जहां आध्यात्म का नूर बिखरा होगा.

मंदिर की छत से दिखेगा आगरा का ताज (View Taj Mahal from the Temple Top)

इस मंदिर का जलवा सिर्फ ऊंचाई तक सीमित नहीं है. इसके सबसे ऊपरी हिस्से पर हाई-पावर टेलिस्कोप लगाए जाएंगे. वहां से खड़े होकर आप 80 किलोमीटर दूर आगरा के ताजमहल का दीदार कर सकेंगे, यानी एक टिकट में दो-दो अजूबों का मजा. मंदिर को नागर और मॉडर्न आर्किटेक्चर के संगम से तैयार किया गया है. यहां की 'देवलीला' दिखाने के लिए 4D तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो आपको सीधा द्वापर युग की सैर करा देगी.

यमुना की लहरें और घने जंगलों का अहसास (Artificial Yamuna and Lush Green Forests)

मंदिर के चारों तरफ का माहौल ऐसा बनाया गया है, जैसे आप पुराने वृंदावन के जंगलों में आ गए हों. यहां यमुना जी का एक आर्टिफिशियल प्रतिरूप तैयार किया गया है, जहां भक्त नौका विहार का आनंद ले सकेंगे. अखिलेश यादव के शिलान्यास और प्रणव मुखर्जी की आधारशिला से शुरू हुआ, यह सफर अब अपने अंजाम पर है, फिलहाल मथुरा-वृंदावन के प्रशासन से लेकर मंदिर प्रबंधन तक, सब बस दिल्ली से हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें:-1 टिकट की कीमत में आ जाएगा आलीशान फ्लैट! इस ट्रेन के आगे 7 स्टार होटल भी भरते हैं पानी

चंद्रोदय मंदिर सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग और आस्था का बेजोड़ नमूना है. इसकी ऊंचाई और भव्यता इसे दुनिया के नक्शे पर चमका देगी. अब बस इंतजार है तो उस पल का, जब शंखनाद के साथ पीएम मोदी इसके भव्य द्वारों को जनता के लिए खोलेंगे.

ये भी पढ़ें:-सैल्यूट! पुणे की लेडी डॉक्टर ने बीच सड़क पर कराई डिलीवरी, साड़ियों से बना दिया 'ऑपरेशन थिएटर'

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com