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बांके बिहारी मंदिर में टूटी परंपरा! फूल बंगला नहीं बनने से मायूस भक्त, अचानक बढ़ा दिया 10 गुना शुल्क

वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में फूल बंगला न बनने से वर्षों पुरानी परंपरा टूट गई, जिससे भक्तों में गहरी नाराजगी और मायूसी है. फूल बंगला शुल्क 15 हजार से बढ़ाकर 1.51 लाख किए जाने के कारण सुबह सेवा नहीं हो सकी.

बांके बिहारी मंदिर में टूटी परंपरा! फूल बंगला नहीं बनने से मायूस भक्त, अचानक बढ़ा दिया 10 गुना शुल्क
  • बांके बिहारी मंदिर में ग्रीष्मकालीन फूल बंगले की परंपरा कामदा एकादशी से शुरू होकर चार महीने तक चलती है.
  • साल 2019 से मंदिर में सुबह भी फूल बंगले में ठाकुर जी के दर्शन करने की नई परंपरा शुरू की गई थी.
  • हाई पावर्ड कमेटी ने फूल बंगला बनवाने के शुल्क को 15 हजार से बढ़ाकर 1 लाख 51 हजार रुपये कर दिया.
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Banke Bihari Temple Flower Bangla Controversy: वृंदावन प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने श्रद्धालुओं की भावनाओं को झकझोर कर रख दिया. ग्रीष्मकाल में वर्षों से चली आ रही फूल बंगले की परंपरा इस बार टूटती नजर आई. कामदा एकादशी से शुरू होने वाला फूल बंगला इस बार सुबह नहीं बन सका, जिससे मंदिर पहुंचे भक्तों में गहरी मायूसी छा गई. मामला सामने आते ही जिला प्रशासन ने भी संज्ञान लिया है और परंपराओं से खिलवाड़ न होने देने का भरोसा दिया है.

मथुरा से सौरभ की रिपोर्ट...

कामदा एकादशी से शुरू होती है फूल बंगले की परंपरा

हर साल कामदा एकादशी से बांके बिहारी मंदिर में फूल बंगले का निर्माण शुरू होता है. गर्मी के मौसम में करीब चार महीने तक ठाकुर बांके बिहारी को फूलों से सजे सुंदर बंगले में विराजमान कराया जाता है. यह परंपरा भक्तों की आस्था से गहराई से जुड़ी हुई मानी जाती है और दूर-दूर से श्रद्धालु इसके दर्शन के लिए पहुंचते हैं.

पहले केवल शाम, फिर सुबह भी होते थे दर्शन

साल 2019 से पहले बांके बिहारी जी केवल शाम के समय ही फूल बंगले में विराजमान होते थे. लेकिन भक्तों की संख्या बढ़ने और फूल बंगले की बुकिंग के लिए दो-दो साल इंतजार की स्थिति बनने पर एक नई परंपरा शुरू हुई. इसके तहत सुबह भी फूल बंगले में ठाकुर जी के दर्शन कराए जाने लगे, ताकि अधिक से अधिक भक्त इस सेवा का लाभ ले सकें.

15 हजार से सीधे 1.51 लाख हुआ शुल्क

अब विवाद की जड़ मंदिर में फूल बंगला बनवाने की शुल्क व्यवस्था बनी है. पहले भक्तों को फूल बंगला बनवाने के लिए करीब 15 हजार रुपये जमा करने होते थे. लेकिन हाल ही में बांके बिहारी हाई पावर्ड कमेटी की बैठक में मंदिर की आय बढ़ाने के उद्देश्य से यह राशि बढ़ाकर 1 लाख 51 हजार रुपये करने के आदेश दिए गए. अचानक 10 गुना शु्ल्क बढ़ाने से भक्त नाराज है. 

फूल बंगला न बनने से भक्त हुए निराश

शुल्क में अचानक हुई इस बढ़ोतरी का असर साफ दिखाई दिया. आज सुबह किसी भी भक्त ने फूल बंगले की बुकिंग नहीं कराई, जिसके चलते फूल बंगला बन ही नहीं सका. जैसे ही यह बात मंदिर में पहुंचे श्रद्धालुओं को पता चली, मायूसी फैल गई और लोगों ने इसे परंपरा टूटने के रूप में देखा.

हाई पावर्ड कमेटी के सदस्य ने जताया दुख

सुबह फूल बंगला न बनने पर हाई पावर्ड कमेटी में शामिल गोस्वामी सदस्य ने इस पूरे मुद्दे पर एक वीडियो जारी किया. वीडियो में उन्होंने इस स्थिति पर दुख जताते हुए कहा कि परंपराएं और भक्तों की भावनाएं मंदिर की आत्मा हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.

जिलाधिकारी ने लिया संज्ञान, दिया भरोसा

मामला बढ़ता देख जिलाधिकारी ने भी इस पर संज्ञान लिया. उन्होंने साफ कहा कि यदि किसी भी भक्त की ओर से फूल बंगला बुक नहीं कराया जाता है, तो कमेटी खुद फूल बंगला बनवाएगी. डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर की परंपराओं से किसी तरह का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा और श्रद्धालुओं की आस्था का पूरा ध्यान रखा जाएगा.

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