Government Dress Code: इस गर्मी में जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, जापान में पुरुष काम पर पहले से कहीं ज्यादा शॉर्ट्स या ऐसे कपड़े पहन रहे हैं, जिनमें उनके पैर दिख रहे हैं. जापान की राजधानी टोक्यो में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर निकल चुका है. यहां आम लोगों की तरह सरकारी कर्मचारी भी गर्मी से बेहाल हैं. इस स्थिति को देखते हुए टोक्यो कूल बिज अभियान के चलते इस बार टोक्यो महानगर प्रशासन ने अपने कर्मचारियों को ऑफिस में शॉर्ट्स पहनने की छूट दे दी है.
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गर्मी से राहत या नया सिरदर्द
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, टोक्यो मेट्रोपॉलिटन सरकार (Tokyo Metropolitan Government) कंपनी के कर्मचारियों को अपने आम सूट-टाई छोड़कर टी-शर्ट, ट्रेनर और शॉर्ट्स जैसे कैज़ुअल कपड़े पहनने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. गवर्नर युरिको कोइके (Governor Yuriko Koike's) की इस पहल का मुख्य मकसद बिजली बचाना और कर्मचारियों को भीषण गर्मी से राहत देना है, लेकिन जैसे ही यह नया नियम लागू हुआ, दफ्तरों के भीतर और सोशल मीडिया पर एक तीखी बहस छिड़ गई है. कुछ महिलाएं 'लेग हेयर हैरेसमेंट' (पैरों के बालों से जुड़ी परेशानी) या ऑनलाइन इस्तेमाल होने वाले शब्द 'सुनेहारा' के जरिए अपने एक्सपीरियंस बता रही हैं. यह शब्द महिलाओं की उस बेचैनी को बयां कर रहा है, जो उन्हें अपने सहकर्मी के पैरों के बाल देखने पर मजबूर होने की वजह से होती है.

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दफ्तरों में स्यूनेहारा यानी लेग हेयर हैरासमेंट की एंट्री
मामले ने तूल पकड़ा और सोशल मीडिया पर स्यूनेहारा यानी 'लेग हेयर हैरासमेंट' शब्द अचानक से चर्चा में आ गया है. वहीं अब लोग इस पर खुलकर बात कर रहे हैं. कुछ महिला कर्मचारियों का कहना है कि, पुरुष सहकर्मियों के पैरों के बाल खुले में देखना काफी अजीब और असहज लगता है. आम तौर पर महिलाओं के लिए आज भी ऑफिस में लंबी स्कर्ट या टाइट्स पहनने के कड़े और पारंपरिक नियम बने हुए हैं. ऐसे में सिर्फ पुरुषों को शॉर्ट्स पहनने की छूट मिलना महिलाओं को डबल स्टैंडर्ड लग रहा है. जहां कुछ लोगों को ये नियम पसंद आ रहे हैं. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि, ये नियम महिलाओं के साथ भेदभावपूर्ण है.
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दोहरे मानकों पर प्रोफेसर का तीखा सवाल
इस मुद्दे पर प्रोफेसर अत्सुको तमादा (Professor Atsuko Tamada) ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि, 'यह सीधे तौर पर भेदभाव भरा रवैया है.' उनका ये भी कहा कि, 'महिलाएं आज भी बाल हटाने, ग्रूमिंग, कपड़ों पर काफी समय देने और स्किनकेयर पर घंटों समय देने के साथ-साथ अपना काफी पैसा भी खर्च करती हैं.' उन्होंने तर्क दिया कि, अगर पुरुषों को शॉर्ट्स या सैंडल पहनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, तो काम करने के नियम सभी के लिए बिल्कुल बराबर होने चाहिए.

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हालिया सर्वे में ये बात आई सामने
गोरिल्ला क्लिनिक के जून के एक हालिया सर्वे में यह बात सामने आई है कि, 53.5% लोगों ने काम पर शॉर्ट्स पहनने का विरोध किया, जबकि 46.5% ने इसका समर्थन किया. इस पॉलिसी का विरोध करने वालों ने शरीर के बालों और दिखावट को मुख्य वजहों में से एक बताया. हालांकि, स्टार्टअप और टेक कंपनियों में ये कपड़े पहनना आम हो गया है, लेकिन आज भी कुछ दफ्तरों में शॉर्ट्स अभी भी कम ही पहने जाते हैं. 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' के अनुसार, हाल ही में टोक्यो मेट्रोपॉलिटन सरकार के दफ्तरों के दौरे के दौरान, वहां काम करने वाले 70 पुरुष कर्मचारियों में से सिर्फ़ 11 ने शॉर्ट्स पहने हुए थे. बढ़ती इस बहस की वजह से ज्यादा पुरुष लेजर हेयर रिमूवल भी करवा रहे हैं.

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हीटवेव से लाइफस्टाइल में बदलाव
जापान में ये अब तक की सबसे गर्म गर्मियों का अनुभव किया जा रहा है. जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने भीषण गर्मी की चेतावनी दी है और 40°C से ज्यादा तापमान वाले दिनों के लिए 'कोकुशो-बी' (kokusho-bi) शब्द का इस्तेमाल शुरू किया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 6 से 12 जुलाई के इन हफ्तों में हीटस्ट्रोक से सात लोगों की मौत हुई और 4,580 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. वहीं गर्मी से निपटने के लिए लोग कूलिंग प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, जैसे कि पंखे वाले कपड़े, UV-ब्लॉकिंग छाते, पोर्टेबल पंखे और कूलिंग टॉवल. एक्सपर्ट्स लोगों को धीरे-धीरे गर्मी के हिसाब से ढलने की सलाह भी दे रहे हैं. उनका कहना है कि जापान में ज्यादा नमी के कारण शरीर को ठंडा रखना मुश्किल हो जाता है, जिससे गर्मी से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.
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