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भारत की वो ट्रेन, जिसमें कोई यात्री भूखा सफर नहीं करता, फ्री में मिलता है खाना

वीडियो वायरल होने के बाद लोग इस सेवा की जमकर सराहना कर रहे हैं. कोई इसे 'इंसानियत की सबसे खूबसूरत मिसाल' बता रहा है, तो कोई कह रहा है कि 'यही असली भारत है.

भारत की वो ट्रेन, जिसमें कोई यात्री भूखा सफर नहीं करता, फ्री में मिलता है खाना
यह ट्रेन भूख को नहीं, इंसानियत को सफर कराती है!

Langar Service in Train: भारत में ट्रेन यात्राएं सिर्फ मंज़िल तक पहुंचने का जरिया नहीं होतीं, बल्कि कई बार ये इंसानियत, सेवा और भाईचारे की मिसाल भी बन जाती हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में ऐसी ही एक ट्रेन की झलक देखने को मिल रही है, जहां सफर के दौरान हर यात्री को मुफ्त लंगर परोसा जाता है. इस ट्रेन की सबसे खास बात यह है कि चाहे ट्रेन कितनी भी लेट क्यों न हो, लंगर सेवा कभी नहीं रुकती.

बिना भेदभाव परोसा जाता है लंगर

वीडियो में जिस ट्रेन की बात हो रही है, वह है सचखंड एक्सप्रेस, जो नांदेड़ से श्री अमृतसर साहिब तक जाती है. यह इस रूट की एकमात्र ट्रेन है, जिसमें सफर के दौरान सेवादार यात्रियों को लंगर परोसते हैं. इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर @Panjaab131313 नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है. वीडियो के कैप्शन में लिखा है, कि सचखंड एक्सप्रेस, नांदेड़ से श्री अमृतसर साहिब जाने वाली एकमात्र ट्रेन है जहां सेवादारों द्वारा संगत को उनकी जाति, धर्म या रंग के बारे में पूछे बिना लंगर परोसा जाता है.

देखें Video:

लेट ट्रेन भी नहीं रोक पाती सेवा का सिलसिला

अक्सर देखा जाता है कि ट्रेन लेट होने पर यात्रियों को खाने-पीने की परेशानी हो जाती है, लेकिन सचखंड एक्सप्रेस में ऐसा नहीं होता. यह ट्रेन चाहे घंटों लेट क्यों न हो, लंगर सेवा लगातार चलती रहती है. सेवादार पूरी श्रद्धा और सेवा भाव से यात्रियों को खाना परोसते हैं, जिससे सफर के दौरान किसी को भी भूखा नहीं रहना पड़ता.

इंसानियत और सेवा की चलती-फिरती मिसाल

सचखंड एक्सप्रेस सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि सेवा, समानता और मानवता का चलता-फिरता प्रतीक बन चुकी है. इस ट्रेन में मिलने वाला लंगर सिख परंपरा की उस भावना को दर्शाता है, जिसमें कहा गया है कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है. यहां अमीर-गरीब, हिंदू-मुस्लिम, सिख-ईसाई, सभी एक ही कतार में बैठकर भोजन करते हैं.

लोग कर रहे जमकर तारीफ

वीडियो वायरल होने के बाद लोग इस सेवा की जमकर सराहना कर रहे हैं. कोई इसे 'इंसानियत की सबसे खूबसूरत मिसाल' बता रहा है, तो कोई कह रहा है कि 'यही असली भारत है. कई यूजर्स ने लिखा, कि ऐसी परंपराएं देश को जोड़ने का काम करती हैं और हर किसी को इससे सीख लेनी चाहिए.

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