UP News: उत्तर प्रदेश के संभल (Sambhal) जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के जनपद दौरे से ठीक एक दिन पहले जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. जिले के थाना असमोली क्षेत्र के गांव मुकर्रबपुर में सरकारी बंजर भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए इमामबाड़ा और मजार को बुलडोजर चलाकर (Bulldozer Action) पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है. ये पूरी कार्रवाई डीएम अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई की मौजूदगी में शुक्रवार को हुई है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है.
साढ़े चार बीघा बंजर जमीन पर था कब्जा
राजस्व विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, गांव मुकर्रबपुर में 0.0312 हेक्टेयर सरकारी बंजर भूमि पर अवैध रूप से इमामबाड़े और हजरत शाह मियां नीम मजार का निर्माण कर कब्जा किया गया था. हल्का लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार कोर्ट में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत वाद दायर किया गया था. कोर्ट से बेदखली के आदेश जारी होने के बाद शुक्रवार को प्रशासन की टीम पोकलेन और बुलडोजर मशीनों के साथ मौके पर पहुंच गई.

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13 सदस्यों की टीम, 4 थानों की फोर्स के साथ एक्शन
इस टीम में एक राजस्व निरीक्षक (Revenue Inspector) और लेखपालों सहित कुल 13 प्रशासनिक सदस्य शामिल रहे. चूंकि मामला धार्मिक स्थलों से जुड़ा था, इसलिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया. PAC के जवानों के साथ 4 थानों की पुलिस मुस्तैद रही, जिनकी निगरानी खुद एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई कर रहे थे.
कोर्ट की सुनवाई में नहीं आया कोई वादी पक्ष
इस कार्रवाई से पहले प्रशासन ने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया था. करीब एक महीने पहले ही राजस्व विभाग की तरफ से उक्त विवादित स्थल की मार्किंग और मेजरमेंट की कार्रवाई पूरी की गई थी. इसके बाद तहसीलदार कोर्ट में इस मामले की बाकायदा नियमित सुनवाई भी की गई थी. हालांकि, सुनवाई के दौरान अवैध निर्माण के पक्ष में दावा करने या इसके वैध दस्तावेज पेश करने के लिए कोई भी वादी पक्ष कोर्ट के सामने नहीं आया, जिसके बाद इस ध्वस्तीकरण की अंतिम मंजूरी दी गई.

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आज करोड़ों में है इस जमीन की कीमत
बुलडोजर एक्शन के बाद डीएम अंकित खंडेलवाल ने कहा, 'आज के मार्केट रेड के हिसाब से इस जमीन की कीमत करीब सवा से डेढ़ करोड़ रुपये है. करीब 10 साल से इस जमीन पर कब्जा था, जिसे आज खाली कराया गया है. इस जमीन पर दोबारा कब्जा न हो यह भी सरकार की प्राथमिकता है. इसके लिए हम यहां के भूमिहीन परिवार को आबादी के बीच पट्टा देंगे, जिससे वे सम्मानपूर्वक अपना जीवनयापन कर सकेंगे. जमीन का कब्जा लेने के अब हम यह पता लगाएंगे कि कब्जाधारी कौन थे, जैसे ही उनकी पहचान होगी, उन पर कार्रवाई की जाएगी.'
वहीं संभल एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा, ''
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