Viral News: ब्रिटेन की म्यूजिक आर्टिस्ट मिमी स्ट्रेंजर (Mimmy Stranger) जब कुछ दिन अपनी मां के घर बिताने के बाद बेडफोड (Bedford) शहर वापस लौटीं तो उनकी मुलाकात पंखों वाले दो अंजान मेहमानों (Pigeons) से हुई, जिन्होंने उनके बाथरूम में रखी मेकअप किट को अपना घर (Nest in Makeup Kit) बना लिया था. यह देखकर मिमी हैरान जरूर हुईं, लेकिन उन्होंने ना तो कबूतर के घोंसले को कहीं और शिफ्ट किया, और ना ही उनके आने-जाने वाली रास्ते को बंद किया. इसके बजाय उन्होंने इन मेहमानों की देखरेख की और अंडे से बच्चों के निकलने का इंतजार करने लगीं.
कबूतर और उनके चूजों को दिए नाम
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 19-20 दिन बाद अगस्त 2026 में वो समय आया दोनों अंडों से चूजे बाहर निकल आए. यह देखकर मिमी बहुत खुश हुईं और उन्होंने उनके नाम 'प्लक' और 'नॉरिस' रखे. इससे पहले वो उनके माता-पिता को 'पिजी' ओर 'कीथ' नाम दे चुकी थीं. मिमी बताती हैं कि ये नाम यूएस के मार्शल आर्टिस्ट और हॉलीवुड एक्शन स्टार चक नॉरिस के नाम पर रखे गए हैं.
मिमी आगे कहती हैं कि पिजी ने एक बहुत अच्छी मां की तरह बिना किसी शोर शराबे के अपनी ड्यूटी पूरी की है. जबकि किथ इस दौरान बाहर आता-जाता रहता था, ताकि खाने का इंतजाम कर सके. लेकिन जब से चूजे बाहर आए हैं वो बहुत गंदगी फैलाते हैं, इस वजह से वे वहां बाथरूम यूज नहीं कर पा रही हैं और उन्हें नहाने के लिए भी जिम का बाथरूम यूज करना पड़ता है.
'मैं जुड़वां बच्चों की दादी बन गई'
स्ट्रेंजर को अब उम्मीद है कि कुछ हफ्तों में में पिजी, कीथ, प्लक और नॉरिस बाथरूम की खिड़की से उड़कर नई जगहों पर चले जाएंगे. मिमी कहती हैं, 'जब वे चले जाएंगे तो मुझे दुख होगा, लेकिन यह जानकर अच्छा लगता है कि बाथरूम में कोई नहीं रहेगा और फिर उन्हें पूरी प्राइवेसी मिलेगी. यह एक ऐसा रोमांच रहा है जिसकी मैंने योजना नहीं बनाई थी. मैं चाहती हूं कि वह एक मां के तौर पर जो कुछ भी करना चाहती है, वह कर सके, लेकिन अब मैं जुड़वां बच्चों की दादी बन गई हूं.'
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सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?
इस पूरी जर्नी की तस्वीर और वीडियो बनाकर मिमी स्ट्रेंजर ने सोशल मीडिया पर शेयर की है, जो खूब वायरल हो रही हैं. इन्हें देखकर लोग सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
एक इंस्टाग्राम यूजर ने चूजों के नाम लोरियल और मेबेलिन रखने की सलाह दी. जबकि दूसरे यूजर ने इस बात पर हैरानी जताई कि तस्वीरों में घोंसले वाली जगह कितनी साफ-सुथरी और व्यवस्थित कैसे दिख रही है.
वहीं, तीसरे यूजर ने कहा, 'ये बहुत प्यारे और सुंदर पक्षी होते हैं. मुझे बहुत बुरा लगता है कि रेलवे स्टेशनों पर इन्हें गोली मारी जाती है या इन्हें खाना खिलाने पर लोगों की शिकायत की जाती है, जबकि ये इंसानों से बहुत प्यार करते हैं. हमने एक पक्षी को बचाया था. वह मेरे पैर पर आकर बैठता था और मेरे लिए छोटी-छोटी टहनियां भी लाता था.'
चौथे यूजर ने लिखा, 'कबूतर बहुत ही शांत और प्यारे पक्षी होते हैं, लेकिन लोग अक्सर उन्हें गलत समझते हैं. काश लोग उन्हें सच में समझ पाते. मैं अपने इलाके में कबूतरों के तीन झुंडों को दाना खिलाता हूं, और हर बार कोई न कोई इंसान मुझे इसके लिए बुरा-भला कहता है. आखिर हर जीव बस जीना चाहता है.'
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