Trending Story: यूएस डिफेंस हेडक्वार्टर (Pentagon) ने हाल ही में कुछ खुफिया फाइलें दुनिया के सामने रखी हैं, जिनमें कभी न देखे गए फुटेज और डॉक्यूमेंट्स शामिल हैं. इनमें सबसे ज्यादा चर्चा 1 मिनट 39 सेकंड के उस वीडियो की हो रही है, जिसमें मिडिल ईस्ट के रिहायशी इलाके के ऊपर से एक रहस्यमयी गोलाकार चीज (Orb) को बहुत तेजी से गुजरते हुए देखा जा सकता है.
1.5 साल तक छिपाकर रखी बात
यूएस डिपार्टमेंट ऑफ वॉर (U.S. Department of War) के मुताबिक, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस अनजानी घटना की रिपोर्ट 08/07/2026 को ऑल-डोमेन एनोमली रेजोल्यूशन ऑफिस (AARO) को सौंपी है. इसमें बताया गया है कि यह वीडियो 01/01/2025 को एक अमेरिकी मिलिट्री प्लेटफॉर्म पर लगे खास इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड सेंसर ने रिकॉर्ड किया था. सेंसर ने इस गोलाकार वस्तु को बैकग्राउंड में बाईं से दाईं ओर ट्रैक किया और इसे फ्रेम के बीच में रखा. इस दौरान सेंसर ने कई बार अपना मोड और जूम लेवल भी एडजस्ट किया.
#WATCH | Pentagon releases fresh batch of #UFOFiles, Mysterious orb seen over residential area pic.twitter.com/bpo3kPK6SZ
— NDTV World (@NDTVWorld) August 8, 2026
अभी तक पता नहीं चला ये था क्या
यूएस इन्वेस्टिगेटर ने इस घटना को 'अनसुलझा' की कैटेगरी में रखा है. इसका मतलब यह है कि अभी तक कोई यह तय नहीं कर पाया है कि वह रहस्यमयी चीज कोई ड्रोन थी, कोई गुब्बारा था या फिर कोई नया एयरक्राफ्ट. अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया है कि किसी मामले के अनसोल्वड होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि वह एलियंस से ही जुड़ा है. असल में, इसका मतलब है कि किसी ठोस नतीजे पर पहुंचने के लिए हमारे पास अभी पर्याप्त जानकारी नहीं है.
संवेदनशील जानकारी को छिपाया
इस रिपोर्ट को जारी करते वक्त अमेरिकी सरकार ने गवाहों की पहचान और UAP से जुड़ी न होने वाली सरकारी सैन्य ठिकानों की लोकेशन जैसी संवेदनशील जानकारियों को छिपा दिया है ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा बनी रहे. हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देशों के तहत इस बात का खास ख्याल रखा गया है कि यूएपी (Unidentified Anomalous Phenomena) की असलियत से जुड़ी किसी भी जरूरी जानकारी को जनता से न छिपाया जाए.
अब क्यों जारी किए गए ये वीडियो?
बताते चलें कि UFO से जुड़ी घटनाओं को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है और दुनियाभर की सरकारों पर इन रहस्यों से पर्दा उठाने का दबाव है. लोगों को सही जानकारी देने की इसी कोशिश के तहत यह वीडियो जारी किया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले महीनों में ऐसी और भी फाइलें सार्वजनिक की जा सकती हैं, क्योंकि सैन्य सेंसर्स ने ऐसे कई 'गोलाकार' ऑब्जेक्ट्स पहले भी रिकॉर्ड किए हैं.
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