Viral News: घर से बाहर रहकर नौकरी करने वालों की आधी सैलरी कमरे के किराए, राशन व अन्य खर्च में चली जाती है. दिल्ली, नोएडा, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में भारी भरकम रकम लोगों को रेंट में खर्च करना पड़ता है. खास बात है कि इन्हीं बड़े शहरों में बड़ी-बड़ी IT कंपनियां हैं, जिनमें देश के अलग-अलग हिस्सों या दूर-दराज इलाकों से लोग नौकरी करने के लिए आते हैं. अब एक IT युवक की पोस्ट ने देश के अन्य हिस्सों में IT इकोसिस्टम न होने पर बहस छेड़ दी है. युवक बिहार के पटना का रहने वाला है और बेंगलुरु स्थित एक कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर है.
हाइब्रिड मॉडल में करता है काम
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल कुमार यादव (Rahul Kumar Yadav) ने बीते 24 सितंबर को एक पोस्ट किया है. वह बेंगलुरु स्थित एक IT कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर है और हाइब्रिड मॉडल में काम करता है. वह कभी बिहार की राजधानी पटना में तो कभी बेंगलुरु में रहता है.
उसने बताया कि जब वह पटना में रहकर काम करता है तो उसकी काफी सैलरी बच जाती है, जबकि बेंगलुरु में जब वह रहता है तो उसकी सैलरी का करीब 30 फीसदी हिस्सा किराया, राशन, यात्रा और अन्य खर्चों में चला जाता है. बिहार के रहने वाले युवक ने आगे कहा कि यह सिर्फ मेरी कहानी नहीं है. बिहार से हजारों लोग दूसरे राज्य में काम करते हैं और वहां की अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं. साथ ही स्थानीय व्यवसायों को सहारा देते हैं.
बिहार में IT इंडस्ट्री की मांग की
युवक ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बिहार में मजबूत IT इंडस्ट्री इकोसिस्टम लाने की मांग की है. उसने कहा कि अगर IT कंपनियां और मौके बिहार में आएँ, तो वह पैसा बिहार की अर्थव्यवस्था में ही घूमेगा, जिससे नौकरियां पैदा होंगी, स्थानीय व्यवसाय बढ़ेंगे और परिवारों को ज़्यादा बचत करने में मदद मिलेगी. युवक ने आगे एक्स पर लिखा, "हम सिर्फ़ मौकों की तलाश में बिहार छोड़कर नहीं जाना चाहते. हम चाहते हैं कि वे मौके बिहार में ही मिलें.

Photo Credit: X/@_therahulyadav
एक्स पर लोगों ने दी अलग-अलग प्रतिक्रिया
उसकी इस मांग और एक्स पोस्ट पर लोगों ने अलग-अलग कमेंट्स किए. किसी ने उसका समर्थन किया तो किसी ने कहा कि दूसरे राज्यों में, आप सिर्फ अपनी ही मदद कर रहे हैं, किसी और की नहीं! वहां जाने के बाद आपकी आय बढ़ी है, न कि उनकी प्रति व्यक्ति आय. इस पर उसने एक और पोस्ट में लिखा कि अगर ऐसी पोस्ट पर लोग गाली-गलौज करते हैं या शर्मिंदा करने की कोशिश करते हैं, तो ऐसा करने वालों में ही कोई गंभीर कमी है. वे ज़िंदगी में हर चीज़ में नाकाम रहे हैं, और अब उन्हें लगता है कि दूसरों को ट्रोल करके वे किसी तरह जीत जाएंगे. तो कीजिए.
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