विज्ञापन
This Article is From Apr 11, 2024

कहीं UFO तो नहीं! चांद का चक्कर लगाता दिखा सिल्वर ऑब्जेक्ट, नासा ने शेयर की रहस्यमयी तस्वीर, आखिर क्या है ये?

तस्वीरें नासा के लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर (एलआरओ) द्वारा ली गईं हैं. वे मार्वल के 'सिल्वर सर्फर' चरित्र के बोर्ड जैसी दिखने वाली एक वस्तु की एक पतली क्षैतिज रेखा दर्शाते हैं.

Also Read in
कहीं UFO तो नहीं! चांद का चक्कर लगाता दिखा सिल्वर ऑब्जेक्ट, नासा ने शेयर की रहस्यमयी तस्वीर, आखिर क्या है ये?
कहीं UFO तो नहीं! चांद का चक्कर लगाता दिखा सिल्वर ऑब्जेक्ट

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने एक रहस्यमय चांदी के सर्फ़बोर्ड (mysterious silver surfboard) के आकार की वस्तु की तस्वीरें जारी की हैं जो चंद्रमा की परिक्रमा कर रही थी. तस्वीरें नासा के लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर (एलआरओ) द्वारा ली गईं हैं. वे मार्वल के 'सिल्वर सर्फर' चरित्र के बोर्ड जैसी दिखने वाली एक वस्तु की एक पतली क्षैतिज रेखा दर्शाते हैं. हालांकि, रहस्यमय वस्तु कॉमिक बुक की दुनिया या सुपरहीरो फिल्मों या यहां तक ​​​​कि एक अज्ञात उड़ान वस्तु (यूएफओ) में से कुछ भी नहीं है. अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि नासा के LRO ने वास्तव में अपने दक्षिण कोरियाई समकक्ष को पकड़ लिया, क्योंकि दोनों ऑर्बिटर एक-दूसरे से आगे निकल गए.

नासा के प्रेस नोट के अनुसार, एलआरओ ने अपने कोरियाई समकक्ष, कोरिया एयरोस्पेस रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा भेजे गए डेनुरी चंद्र ऑर्बिटर की कई तस्वीरें लीं, जब दोनों 5 और 6 मार्च के बीच समानांतर लेकिन विपरीत दिशाओं में एक-दूसरे के पास से गुजरे थे. अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया कि डैनुरी की छवि, जो 2022 से चंद्रमा की परिक्रमा कर रही है, इसके और एलआरओ के बीच बेहद तेज सापेक्ष वेग के कारण विकृत प्रतीत होती है.

नासा ने लिखा, "हालांकि एलआरओ का कैमरा एक्सपोज़र समय बहुत कम था, केवल 0.338 मिलीसेकेंड, फिर भी दो अंतरिक्ष यान के बीच सापेक्ष उच्च यात्रा वेग के कारण डैनुरी यात्रा की विपरीत दिशा में अपने आकार से 10 गुना अधिक फैला हुआ दिखाई देता है." डेनुरी चंद्रमा पर दक्षिण कोरिया का पहला अंतरिक्ष यान है और दिसंबर 2022 से चंद्रमा की कक्षा में है.

अंतरिक्ष एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मैरीलैंड के ग्रीनबेल्ट में गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में एलआरओ संचालन टीम को डेनुरी की एक झलक पाने के लिए एलआरओसी को सही समय पर सही जगह पर इंगित करने में "उत्तम समय" की आवश्यकता थी. हालाँकि, दोनों अंतरिक्ष यान के बीच तेज़ सापेक्ष वेग, जो लगभग 11,500 किलोमीटर प्रति घंटा है, इसके कारण यह काम आसान नहीं था.

नासा ने कहा कि एलआरओ के नैरो-एंगल कैमरे ने तीन कक्षाओं के दौरान छवियों को कैप्चर किया, जो छवियों को खींचने के लिए डेनुरी के काफी करीब थीं. विशेष रूप से, एलआरओ को 2009 में लॉन्च किया गया था. तब से, इसने अपने सात शक्तिशाली उपकरणों के साथ महत्वपूर्ण डेटा एकत्र किया है. यह चंद्रमा के अध्ययन में एक अमूल्य योगदान के रूप में उभरा है.

ये Video भी देखें: रेलवे स्टेशन पर नींद में यात्रियों की जेब काट रहे चोर

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
NASA, Moon, Science News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com