कनाडा (Canada) के लैब्राडोर के तट पर एक दुर्लभ काला हिमखंड (Rare Black Iceberg) यानी ब्लैक आइसबर्ग देखा गया है. अब इसके उद्गम और इतिहास के बारे में सोशल मीडिया पर बड़ी चर्चा हो रही है. इस तस्वीर को सबसे पहले हल्लुर एंटोनियसन नामक एक मछली पकड़ने वाले ने कैद किया था, जो पिछले महीने कार्बोनियर में झींगा पकड़ने गया था. अपने मछली पकड़ने वाले ट्रॉलर सपुती पर सवार एंटोनियसन बर्फ के हल्के टुकड़ों के बीच शांत भाव से तैरते हुए, कालिख की तरह काले हिमखंड को देखकर दंग रह गए.
एंटोनियसन ने सीबीसी रेडियो को बताया, "मैंने ऐसे हिमखंड देखे हैं जो लुढ़के हुए हैं, जिन्हें लेकर कहा जाता है कि वे समुद्र तट पर लुढ़के हैं और उनमें कुछ चट्टानें भी हैं. यहां यह बिलकुल अलग है. यह सिर्फ़ इतना ही नहीं है कि यह पूरी तरह से काला है. यह लगभग हीरे के आकार का है."
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64 वर्षीय व्यक्ति ने कहा कि समुद्र में हिमखंड के आकार का अनुमान लगाना कठिन था, लेकिन उन्होंने अनुमान लगाया कि यह एक सामान्य बंगले के आकार से कम से कम तीन गुना बड़ा था.
उन्होंने कहा, "यह ऐसी चीज़ है जिसे आप अक्सर नहीं देखते हैं, और जब मैं काम कर रहा होता हूं तो कैमरा मेरे साथ नहीं होता. इसलिए, मैं बस अपने कमरे में गया और अपना फ़ोन लिया और यह तस्वीर खींची."
सोशल मीडिया पर लोग हैरान
जैसे ही तस्वीर वायरल हुई, सोशल मीडिया यूज़र्स ने हिमखंड के इस स्वरूप पर हैरानी जताई, जबकि अन्य ने इसके काले रंग के कारण के बारे में एक सिद्धांत बनाने की कोशिश की.
एक यूजर ने लिखा, "मैंने बहुत सारे बड़े हिमखंड देखे हैं, लेकिन कभी काला नहीं देखा," एक यूज़र ने कहा, जबकि दूसरे ने लिखा: "मैंने पहली बार काला हिमखंड देखा है."
तीसरे ने कहा: "संभवतः यह बर्फ की सतह पर टिका हुआ एक पत्थर है जो ग्रीनलैंड के तट पर ज्वार के पानी में हिमखंड के टूटने से पहले लुढ़क गया या ग्लेशियर पर गिर गया."
हिमखंड गहरे रंग का क्यों?
हिमखंड ज़्यादातर सफ़ेद दिखाई देते हैं. जैसे-जैसे बर्फ पुरानी होती जाती है और संकुचित होती जाती है, हवा बाहर निकलती है, जिससे अधिक प्रकाश अंदर जा पाता है, और यह कांच की तरह साफ़ हो जाता है.
हालांकि, कुछ हिमखंडों में गंदगी और अन्य गहरे रंग की सामग्री के कारण काला या भूरा रंग हो सकता है, जो बर्फ में बंध जाता है, कभी-कभी जब यह एक गहरे रंग की सतह पर लुढ़कता है. कनाडा में मेमोरियल यूनिवर्सिटी के ग्लेशियोलॉजिस्ट लेव तरासोव के अनुसार, एक कार्यशील सिद्धांत यह है कि ब्लैक बर्ग कभी एक बड़े ग्लेशियर का हिस्सा था जो टूट कर समुद्र में गिर गया था.
तरासोव ने कहा, "समय के साथ, जैसे-जैसे यह बफ़िन बे के आसपास और लैब्राडोर के तट से नीचे की ओर यात्रा करता है, यह पिघल रहा है. इसलिए मुझे लगता है कि बहुत सारी बर्फ पिघल गई है. शायद जो हिस्सा साफ है वह नीचे है, है न? फिर से, 90 प्रतिशत बर्फ पानी के नीचे है. इसलिए हम केवल ऊपर हिमखंड की नोक देख रहे हैं."
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