
मध्यप्रदेश में खरगौन ज़िले के ऊंन गांव में खुदाई के दौरान एक मूर्ति मिली है. जैन तीर्थस्थल पावागिरि ऊँन में नारायणकुंड के करीब मनरेगा के तहत खुदाई का काम चल रहा था, उसी दौरान चार फीट ऊँची और छह सौ किलोग्राम वजनी जैन तीर्थकार पार्श्वनाथ की प्रतिमा प्राप्त हुई. जनपद पंचायत सीईओ राजेन्द्र शर्मा ने मामले को लेकर बताया की मनरेगा में खुदाई के दौरान जो मूर्ति मिली है उसकी जानकारी उन्होंने पुरातत्व विभाग को दे दी है. वहीं पुरातत्व संग्रहालय अधिकारी नीरज अमझरे का कहना है कि प्रतिमा परमार कालीन दसवीं शताब्दी की है जो सम्भवतः किसी मन्दिर की प्रतिमा रही होगी. खंडित स्थिति में मिली मूर्ति जैन तीर्थंकर की लग रही है। मूर्ति पर नाग का फन उकेरा हुआ है, जो तीर्थंकर की पहचान है.

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मूर्ति के साथ खुदाई में पाषाणकालीन अवशेष भी निकले, जो पूरी तरह खंडित हैं. उन्होंने बताया कि क्षेत्र ऐतिहासिक और पुरातत्व महत्व का है और परमारकालीन शिव मंदिर और जैन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है.

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बहरहाल मनरेगा में खुदाई में निकली पाषाण मूर्ति को जनपद पंचायत में रखा गया है.
( खरगौन से आसिफ खान के इनपुट के साथ )

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मध्यप्रदेश के गांव में मिली पाषाण काली की मूर्ति

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